परवलिया में युवाओं का जोश, मोबाइल छोड़ वॉलीबॉल कोर्ट पर दिखा रहे दम,,,खेल बना जीवन का अहम हिस्सा, रात 8 से 10 बजे तक गूंजता है मैदान..

परवलिया@उमेश पाटीदार
परवलिया के युवा अब मोबाइल की स्क्रीन से दूर हटकर वॉलीबॉल में पसीना बहा रहे हैं। हर रोज रात 8 से 10 बजे तक गांव का मैदान खिलाड़ियों के जोश और गेंद की थाप से गूंज उठता है।
खेल संयोजक उदयराम पाटीदार ने दिखाई नई राह
खेल संयोजक उदयराम पाटीदार परवलिया का कहना है कि खेल से सिर्फ शरीर ही नहीं, मन भी मजबूत होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि हर युवा को खेलकूद से ज्यादा से ज्यादा जुड़ना चाहिए।
नशे और मोबाइल से दूर, खेल की ओर बढ़ते कदम
जहां एक तरफ युवा पीढ़ी मोबाइल और नशे की गिरफ्त में जा रही है, वहीं परवलिया के ये नौजवान खेल को अपना रहे हैं। ये बदलाव पूरे इलाके के लिए मिसाल है।
उदयराम पाटीदार बोले: मजबूत युवा, मजबूत देश
खेल से अनुशासन, टीम भावना और फिटनेस आती है। परवलिया के युवाओं का ये जुनून बताता है कि अगर सही दिशा मिले तो गांव का युवा भी कमाल कर सकता है।



