मेघनगर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया श्री साईबाबा का 26वां स्थापना दिवस…

मेघनगर@मुकेश सोलंकी
मेघनगर स्थानीय साईं मंदिर में श्री साईबाबा का 26वां स्थापना दिवस बेहद हर्षोल्लास, श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर सुबह से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों की धूम रही, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
सुबह फलों के रस से अभिषेक और भव्य श्रृंगार
स्थापना दिवस महोत्सव की शुरुआत अलसुबह (प्रातःकाल) विद्वान पंडितों के सानिध्य में हुई। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री साईबाबा की प्रतिमा का विभिन्न प्रकार के फलों के रस से भव्य अभिषेक किया गया। इसके पश्चात बाबा का अलौकिक और आकर्षक श्रृंगार (श्वगार) किया गया। इस विशेष अवसर के लिए पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से बेहद खूबसूरती के साथ सजाया गया था, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहा।
हवन-पूजन और पूर्णाहुति
सुबह 9:00 बजे से मंदिर परिसर में विशेष यज्ञ (हवन) प्रारंभ हुआ। मंत्रों की गूंज और आहुतियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य यजमान के रूप में *अर्चित सोनी* रहे। हवन की पूर्णाहुति सुप्रसिद्ध समाजसेवी **सुरेश जैन (पप्पू भैया)** द्वारा सविधि संपन्न कराई गई।
मध्याह्न में महाआरती
दोपहर ठीक 12:00 बजे साईबाबा की भव्य महाआरती उतारी गई। महाआरती में समाजसेवी सुरेश जैन (पप्पू भैया) सहित नगर के गणमान्य नागरिक और सैकड़ों साईं भक्तों ने एक साथ मिलकर बाबा की आराधना की। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘ओम साईं राम’ और ‘साईनाथ महाराज की जय’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
विशाल महाप्रसादी (भंडारा): 8000 से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
महाआरती के संपन्न होने के पश्चात विशाल महाप्रसादी (भंडारे) का आयोजन किया गया। इस भंडारे में मेघनगर सहित आसपास के क्षेत्रों से आए लगभग **8,000 से अधिक श्रद्धालुओं** ने लाइन में लगकर पूरी श्रद्धा के साथ महाप्रसाद ग्रहण किया। भोजन प्रसादी का यह दौर दोपहर से शुरू होकर देर रात तक अनवरत चलता रहा।
आयोजन समिति और साईं भक्तों ने इस 26वें स्थापना दिवस को सफल बनाने के लिए सभी आगंतुक श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। संपूर्ण आयोजन के दौरान व्यवस्था बेहद सुचारू और अनुशासित रही।




