अच्छी बारिश के लिए निभाई उज्जैनी की परंपरा,,पूरा नगर रहा बंद सभी लगे इंद्रदेव को मनाने..

सारंगी@संजय उपाध्याय
सारंगी क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण सूखे के संकट के बीच रूठे इंद्रदेव को मनाने के लिए मंगलवार को कई गांवों और कस्बों में ‘उज्जैनी’ का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही आसमान में छाई घटाओं और रिमझिम फुहारों के बीच ग्रामीणों ने विशेष पूजा-अर्चना कर अच्छी बारिश की कामना की।
घरों के बाहर बना भोजन और भगवान को लगाया भोग सदियो पुरानी परंपरा के अनुसार, उज्जैनी के तहत नगर के सर्व समाज द्वारा सभी परिवारों ने अपने घरों से बाहर खेत एवं जंगलों में जाकर सामूहिक रूप से भोजन तैयार किया। इसके बाद कुल देवता एवं इंद्रदेव को नैवेद्य अर्पित कर पूजा-अर्चना की गई और भोग लगाने के बाद ग्रामीणों ने वहीं प्रसाद ग्रहण किया। सारंगी के जीवनलाल लोहार ने बताया कि इंद्रदेव ने उज्जैनी रखते ही अपनी कृपा बरसा दी है और सुबह से ही पानी की फुहारें गिर रही हैं।
मंदिरों में हुई विशेष पूजा अर्चना, बंद रहे प्रतिष्ठान।
अच्छी बारिश, हरियाली और पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था की मन्नत मांगने के लिए ग्रामीण सुबह से ही नगर के देवालयों में एकत्र हुए। मंदिरों में तेल, सिंदूर, नारियल, अगरबत्ती और श्रीफल चढ़ाकर अच्छी बारिश के लिए भगवान की आराधना की गई। इस दौरान नगर में एकजुटता देखने को मिली, जहां उज्जैनी के चलते सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और लोग पूजन-पाठ के साथ खेतों की ओर नजर आए। कई क्षेत्रों में हवन-पूजन के आयोजन भी संपन्न हुए।
लंबे अंतराल के बाद बरसी राहत की बूंदें।
पेटलावद, सारंगी, टेमरिया और बरवेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में आज उज्जैनी मनाए जाने के बाद मौसम खुशनुमा हो गया इस रिमझिम बरसात से किसानों व आमजन को बड़ी राहत मिली है। इंद्रदेव के प्रसन्न होने से किसान खुश नजर आए




