इंद्रदेव को मनाने के लिए अंचल में रखी गई उज्जैनी: रिमझिम फुहारों के बीच गांवों में दिखा एकता का अनूठा नजारा…

रायपुरिया@राजेश राठौड़
जिले में लंबे समय से बारिश के थमे दौर और सूखे के संकट के बीच रूठे इंद्रदेव को मनाने के लिए मंगलवार को कई गांवों और कस्बों में ‘उज्जैनी’ का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही आसमान में छाई घटाओं और रिमझिम फुहारों के बीच ग्रामीणों ने विशेष पूजा-अर्चना कर अच्छी बारिश की कामना की।
घरों के बाहर बना भोजन और अर्पित किया नैवेद्य।
परंपरा के अनुसार, उज्जैनी के तहत गांवों के सभी परिवारों ने अपने घरों से बाहर जाकर सामूहिक रूप से भोजन तैयार किया। इसके बाद इंद्रदेव को नैवेद्य अर्पित कर पूजा-अर्चना की गई और भोग लगाने के बाद ग्रामीणों ने वहीं प्रसाद ग्रहण किया। रायपुरिया के ग्रामीण शिवराम भाई ने बताया कि इंद्रदेव ने उज्जैनी रखते ही अपनी कृपा बरसा दी है और सुबह से ही पानी की फुहारें गिर रही हैं।
मंदिरों में गूंजे मंत्र, बंद रहे प्रतिष्ठान।
अच्छी बारिश, हरियाली और पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था की मन्नत मांगने के लिए ग्रामीण सुबह से ही गांव के देवालयों में एकत्र हुए। मंदिरों में तेल, सिंदूर, नारियल, अगरबत्ती और श्रीफल चढ़ाकर भगवान की आराधना की गई। इस दौरान गांवों में गजब की एकजुटता देखने को मिली, जहां उज्जैनी के चलते सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और लोग पूजन-पाठ के साथ खेतों की ओर नजर आए। कई क्षेत्रों में हवन-पूजन के आयोजन भी संपन्न हुए।
लंबे अंतराल के बाद बरसी राहत की बूंदें।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अंचल में गत 8 जुलाई को 44.4 मिमी बरसात दर्ज की गई थी, जिसके बाद 21 जुलाई तक बारिश का कोई नया आंकड़ा दर्ज नहीं हुआ था। जुलाई माह के अंतिम चरण तक सूखे जैसे हालात बन रहे थे। 1 जून से लेकर आज तक कुल 184 मिमी वर्षा ही दर्ज हो पाई है। पेटलावद, सारंगी, टेमरिया और बरवेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में आज उज्जैनी मनाए जाने के बाद मौसम खुशनुमा हो गया है और इस रिमझिम बरसात से किसानों व आमजन को बड़ी राहत मिली है।



