थांदला

वन विभाग थांदला की बड़ी कार्रवाई नीलगाय शिकार प्रकरण में फरार आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल…

थांदला@उमेश पाटीदार 

वन परिक्षेत्र थांदला अंतर्गत नीलगाय शिकार प्रकरण में फरार चल रहे एक आरोपी को वन विभाग द्वारा गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश एवं शिकार में प्रयुक्त हथियार तथा वाहनों की बरामदगी के लिए कार्यवाही जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वन अपराध क्रमांक 2013/21 एवं रेंज केस क्रमांक 19/2026 दिनांक 10 मई 2026 के अंतर्गत आरोपी सुनील पिता कालु मैड़ा निवासी मोइवागेली, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ को 31 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया।

वन विभाग को 9-10 मई 2026 की रात्रि में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम गोपालपुरा के जंगल क्षेत्र में कुछ व्यक्ति बंदूक लेकर मोटरसाइकिलों से घूम रहे हैं। सूचना प्राप्त होते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में वन परिक्षेत्र थांदला एवं पेटलावद का संयुक्त वन अमला बीट रूपगढ़ के आरक्षित वन क्षेत्र में निगरानी हेतु पहुंचा। इसी दौरान रात्रि लगभग 12:05 बजे दो बार गोली चलने की आवाज सुनाई दी।

वन अमले द्वारा मौके की ओर बढ़ने पर शिकारी वन विभाग के वाहन की रोशनी देखकर विभिन्न कच्चे रास्तों एवं खेतों की ओर भाग निकले। पीछा करने के दौरान एक मोटरसाइकिल दलदली क्षेत्र में फंस गई, जिसे छोड़कर आरोपी फरार हो गए। जांच में उक्त मोटरसाइकिल क्रमांक MP-45-ZH-8931 आरोपी सुनील मैड़ा के नाम दर्ज पाई गई, जिसे वन विभाग ने जब्त कर लिया।

अगले दिन सुबह वन अमले द्वारा क्षेत्र की सघन तलाशी लेने पर माही नहर पुलिया के समीप राजस्व भूमि में एक मादा नीलगाय मृत अवस्था में मिली। पशु चिकित्सक द्वारा किए गए परीक्षण में नीलगाय के शरीर पर बंदूक के छर्रों से लगे घाव पाए गए। आवश्यक फॉरेंसिक नमूने एकत्रित कर वनमंडलाधिकारी झाबुआ की उपस्थिति में नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार किया गया।

प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से वन्यजीवों के आवागमन क्षेत्र में घात लगाकर शिकार किया था। वन विभाग के अनुसार मृत नीलगाय वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-2 के अंतर्गत संरक्षित वन्यजीव है, जिसका पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान है।

वन विभाग द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा शिकार में प्रयुक्त बंदूक एवं अन्य वाहनों की बरामदगी शेष है। इस आधार पर आरोपी को जमानत न दिए जाने का अनुरोध किया गया। न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी सुनील मैड़ा को 1 जून 2026 को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।

संपूर्ण कार्यवाही में वन परिक्षेत्र अधिकारी थांदला श्री तोलाराम हटिला, परिक्षेत्र सहायक अमरगढ़ श्री तारसिंह भाभोर, वन रक्षक श्री कसू डामोर तथा श्री धूमसिंह बबेरिया सहित वन अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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