मेघनगर

फुटतालाब अधिक धन है तो गौशाला पर खर्च करे – पँडित श्रीकमल किशोर नागर कलयुग में घर चलाना हो तो मीठा कम खाना लेकिन मीठा अधिक बोलना….

मेघनगर@मुकेश सोलंकी 

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री वनेश्वर मारुति नंदन हनुमान मंदिर पर मालवा के विख्यात संत पँडित कमल किशोर नागर जी ने मातृशक्ति से आव्हान करते हुए कहा जब भी कथा सुनने आओ तो लक्ष्मी नहीं सरस्वती बनकर आओ उन्होंने कथा में उपस्थित हजारो संख्या में श्रद्धालुओं को कथा व सत्संग का महत्व बताते हुए कहा कि जब भी कथा हो सत्संग हो वहाँ भोजन का नहीं भजन का रस लेना चाहिए जहां भी श्रीमद भागवत कथा होती है सत्संग होता है तो उसको सुनने नर के रूप में नारायण भी आते हैं l कलयुग में घर चलाना हो तो मीठा कम खाना लेकिन मीठा अधिक बोलना l किसी की आत्मा दुखे ऐसे शब्द नही बोलना चाहिए जब भी नींद खुले भगवान के दर्शन पीपल के दर्शन माता-पिता के दर्शन करो जीवन सफल हो जाएगा l प्रेम और भक्ति की आग गुरु वचनों से लगती है और प्रभु के दर्शन से बुझती है l जैन परिवार जो इस कथा का यजमान है वह बहुत बड़ा काम कर रहा है इस तरह का काम ईश्वर की कृपा से ही संभव होता है l जहां भी गौ माता दिखे गौ माता की सेवा करो उनके लिए रोटी और पानी की व्यवस्था करो गौ माता में भगवान कृष्ण निवास करते हैं गौ माता की सेवा ही भगवान कृष्ण की सेवा हैँ…. मध्य प्रदेश के एसपी समाजसेवी और आयोजन समिति के सदस्य श्री सुरेश चंद्र पूरणमल जैन की प्रशंसा करते हुए पंडित श्री कमल किशोर नागर जी ने कहा कि सुरेश जैन जय जिनेंद्र से लेकर जय श्री कृष्ण तक के सेतु है प्रसिद्ध तीर्थ स्थल फुटतालाब में चल रही श्रीमद् भागवत कथा को सुनने के लिए प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढती ही जा रही है गर्मी से बचाव के लिए भी आयोजनकर्ताओ द्वारा द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई है उल्लेखनीय है कि कई वर्षों के प्रयास के बाद पंडित कमल किशोर नागर जी द्वारा यह श्रीमद् भागवत कथा मेघनगर में की जा रही है उनको सुनने के लिए भक्ति भाव के साथ श्रद्धालु पहुँच रहे हैं आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य श्री सुरेश चंद्र पूरणमल जैन राजेश रिंकू जैन ने श्रद्धालुओं से आग्रह करते हुए कहा कि सौभाग्य से इस तरह की कथा सुनने का अवसर मिलता है ग्रामीण अंचलों के साथ-साथ नगरीय अंचल के लोग भी इस कथा को सुनने के लिए अधिक से अधिक संख्या में फुटतालाब पहुँचे कथा का अनुश्रवण कर कथा के विचारों को अपने जीवन में उतार कर अपने जीवन को सफल बनाये ग्रामीण अंचल की माता बहनों से भी श्रीमती पूजा जैन ने अनुरोध किया है कि प्रतिदिन होने वाली कथा में समय का ध्यान रखते हुए सभी श्रद्धालु 12 से 3 बजे तक समय निकालकर कथा का लाभ ले।

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