नो दिवसीय संगीत मय राम कथा का एक कुंडीय यज्ञ के साथ समापन हुआ,,भगवान को पाना है तो मोह माया को छोड़कर भक्ति में मन लगाना चाहिए : कथावाचक महावीर शर्मा..

सारंगी@संजय उपाध्याय
श्री खेड़ापति हनुमान जी मंदिर परिसर में नौ दिवसीय चल रही संगीत मय राम कथा का आज समापन हुआ
कथा में राम जन्म से लेकर राम का राज्याभिषेक का विस्तार पूर्वक वर्णन सुनाया कथा में सीता स्वयंवर , प्रभु श्री राम भारत मिलाप, माता शबरी मिलन , श्री राम सुग्रीव मित्रता , हनुमान जी की राम के प्रति भक्ति एवं बाली वध प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया जिससे श्रोता भाव वीभोर हो गए राजस्थान रामनगर से पधारे पंडित महावीर शर्मा ने शबरी मिलन प्रसंग का ऐसा वर्णन सुनाया श्रद्धालुओ की आंखें नम हो गई राम शबरी मिलन में झूठे बेर खाने का प्रसंग सुनते ही कथा पंडाल जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा श्रोताओं को बताया कि यह प्रभु की विनम्रता और भक्ति के प्रति अघात प्रेम दर्शाते हैं जो समाज में समर्थ व समानता का संदेश देता है उन्होंने श्री राम भरत मिलाप को त्याग , प्रेम और धर्म का सर्वोच्च उदाहरण बताया कथा में श्री राम सुग्रीव मित्रता और बाली के वध का भी वर्णन सुनाया जिससे अहंकार का धर्म से निश्चित नाश का संदेश मिला भक्ति में जाति पाती नहीं केवल भाव महत्वपूर्ण है
समाज में जब कोई भी पशु पक्षी मनुष्य की मौत होती है तो उसे लेने कोई मनुष्य ही आता है किंतु जब किसी भगत के प्राण निकलते हैं तो उसे लेने भगवान स्वयं आते हैं इसलिए मानव जीवन मिला है भगवान से नाता जोड़ो संकट में वह जरूर आएंगे। प्रभु श्री राम ने रावण का वध किया विभीषण का राज्याभिषेक किया।
राम कथा का एक कुंडीय यज्ञ के साथ समापन हुआ इस कथा का आयोजन नानालाल जोशी एवं जोशी परिवार की ओर से किया गया। कथा समापन के बाद महा आरती उतारी गई साथ ही महाप्रशादी का वितरण भी किया गया।
जोशी परिवार की ओर से सामूहिक भोज का भी आयोजन रखा गया इस नो दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में नगर एवं आसपास ग्रामीण क्षेत्र से कथा श्रवण करने पधारे सभी श्रोताओं का जोशी परिवार ने आभार माना।





