हूटर बजाकर फर्राटा भर रही निजी गाड़ियां, नियमों की उड़ रही धज्जियां…!

#Jhabuahulchul
झाबुआ@आयुष पाटीदार ✍🏻
झाबुआ जिले से लेकर गांव-कस्बों की सड़कों तक इन दिनों निजी वाहनों में हूटर लगाने और बजाने का चलन तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। कई वाहन चालक बेधड़क हूटर बजाते हुए सड़कों पर फर्राटे भरते दिखाई देते हैं, मानो वे किसी सरकारी विभाग या आपातकालीन सेवा से जुड़े हों। इस तरह के वाहनों को देखकर आम लोग अक्सर भ्रमित हो जाते हैं और उन्हें रास्ता दे देते हैं, जबकि वास्तव में वे निजी वाहन होते हैं।
हैरानी की बात यह है कि कई वाहनों में हूटर इस तरह अंदर लगाया जाता है कि बाहर से आसानी से दिखाई भी नहीं देता। चालक मौका मिलते ही हूटर बजाते हुए ट्रैफिक में आगे निकलने की कोशिश करते हैं। इससे न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों में डर और असमंजस की स्थिति भी बनती है।
ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर की सड़कों तक ऐसे वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार लोग इन वाहनों को सरकारी या पुलिस वाहन समझ लेते हैं और तुरंत रास्ता छोड़ देते हैं। इससे ऐसे वाहन चालकों का हौसला और बढ़ जाता है और वे नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए सड़कों पर रौब झाड़ते नजर आते हैं।
यातायात नियमों के अनुसार निजी वाहनों में हूटर लगाना और बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। हूटर का उपयोग केवल आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड या कुछ विशेष सरकारी वाहनों को ही अनुमति होती है। इसके बावजूद कई लोग नियमों को दरकिनार कर अपने निजी वाहनों में हूटर लगाकर चलते हैं।




