सारंगी

श्री कृष्ण की लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ने का दिव्य माध्यम है,,,दोस्ती श्री कृष्ण सुदामा जैसी होना चाहिए : पंडित श्री विष्णु कुमार भट्ट ..

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सारंगी@संजय उपाध्याय 

लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में सात दिवसीय संगीत मय श्रीमद् भागवत कथा पंडित श्री विष्णु कुमार भट्ट के मुखारविंद से चल रही थी जिसका आज समापन हुआ।

चार धाम यात्रा सकुशल पूर्ण करने पर अपने ननिहाल गांव सारंगी में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर पर भागवत कथा का आयोजन मुख्य जजमान श्रीमती मधुबाला पाटीदार, पति श्री गोविंद जी पाटीदार, बबलू पाटीदार, पूनम पाटीदार निवासी अमलेटा जिला रतलाम संगीत श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन करवाया। इन सात दिनों में कृष्ण जन्म से लेकर सुदामा मिलन का विस्तार पूर्वक वर्णन सुनाया ।भगवान श्री कृष्ण की लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं बल्कि जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ने का जीवित माध्यम है भगवान की प्रत्येक लीला में गहरा अध्यात्मिक संदेश छुपा हुआ है 

यह विचार अमलेटा से पधारे पंडित श्री विष्णु कुमार भट्ट ने लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर पर चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के दौरान व्यक्त किये उन्होंने श्री कृष्ण के प्रसिद्ध महारास का माध्यमिक वर्णन करते हुए कहा कि शरद पूर्णिमा को चंद्रमयि रात्रि में जब भगवान श्री कृष्ण ने अपनी मधुर बंसी बजाई तब वृंदावन की गोपियों सब कुछ त्याग कर प्रभु के चरणों में पहुंच गई यह महारास सांसारिक प्रेम नहीं बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का दिव्य प्रतीक है भट्ट जी ने कहा कि प्रत्येक गोपी के साथ अलग-अलग रूप में उपस्थित होकर यह संदेश दिया कि जो भक्त जिस भाव से भगवान को जपता है भगवान उसी भाव से उसे स्वीकार करते हैं कथा के दौरान भट्ट जी ने भगवान शिव के महारास में जाने की अद्भुत कथा सुनाई उन्होंने कहा जब अत्याचारी कंस का अत्याचार बढ़ गया तब भगवान श्री कृष्ण को वृंदावन की गोपियों और ग्वाल बालों को छोड़कर मथुरा जाना पड़ा भगवान के मथुरा प्रस्थान का प्रसंग सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गई कथा में भगवान श्री कृष्ण द्वारा कंस वध का प्रसंग भी विस्तार से सुनाया कथा में भगवान श्री कृष्ण और रुक्मणी के विवाह उत्सव का अत्यंत सुंदर वर्णन किया कथा के दौरान विवाह उत्सव के भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरे पंडाल में आनंद एवं भक्ति का अद्भुत वातावरण निर्मित हो गया 

कथा में श्री कृष्ण एवं सुदामा की दोस्ती पर विस्तार पूर्वक वर्णन सुनाया

 कथा के अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया सात दिवसीय कथा में बड़ी संख्या में नगर एवं आसपास ग्रामीण क्षेत्र से श्रद्धालुओं ने कथा पंडाल में पहुंच कर , कथा श्रवण कर धर्म लाभ एवं आनंद लिया

कथा पूर्ण होने पर नगर में पंडित जी एवं श्रीमद् भागवत गीता का भव्य जुलूस निकाला गया जिसमें श्रद्धालु भजनों पर झुमते हुए चल रहे थे श्रीमद् भागवत गीता एवं पंडित जी का नगर में पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया

इस शानदार आयोजन के लिए मुख्य जजमान श्रीमती मधुबाला गोविंद जी अमलेटा एवं लक्ष्मी नारायण मंदिर समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं का आभार माना

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