दुख में भगवान को याद करना मजबूरी, सुख में याद रखना ही सच्चा प्रेम : पंडित विष्णु कुमार भट्ट,,,रुक्मणी विवाह धूमधाम से मनाया…

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सारंगी@संजय उपाध्याय
लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा कि छठे दिवस भक्ति का संगम देखने को मिला व्यास पीठ से प्रवचन करते हुए पंडित विष्णु कुमार भट्ट ने कहा कि कलयुग में अधिकांश लोग भगवान का स्मरण तो करते हैं लेकिन भक्ति के साथ अपनी इच्छाओं और कामनाओं की लंबी सूची भी ईश्वर के सामने रख देते हैं निष्काम भाव से की गई भक्ति ही भगवान को सबसे अधिक प्रिय होती है
उन्होंने कहा कि इस नश्वर संसार में मांगना है तो ईश्वर से उनकी भक्ति मांगनी चाहिए वासना, व्यसन और लालसा से दूर रहकर जीवन को धर्म और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ना ही सच्ची साधना है पंडित जी ने भक्त प्रहलाद और हिरण कश्यप की कथा सुनाते हुए बताएं कि अटूट श्रद्धा और विश्वास से भगवान की कृपा प्राप्ति होती है कथा के दौरान समुद्र मंथन का प्रसंग भी सुनाया गया पंडित जी ने भगवान शिव के त्याग का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सृष्टि की रक्षा के लिए विस पान कर मानवता को संकट से बचाया उन्होंने समाज में एकता बनाए रखने का संदेश देते हुए कहा की मतभेद हो सकते हैं लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए सनातन समाज को बांटने वाले तत्वों से सावधान रहने की आवश्यकता है
छठे दिवस का मुख्य आकर्षण कृष्ण एवं रुक्मणी विवाह का आयोजन हुआ पूरे कथा पंडाल को रंग-बिरंगे गुब्बारे से सजाया गया था जैसे ही रुक्मणी विवाह संपन्न हुआ वरमाला पहनाई पूरा कथा पंडाल मंगला अष्टक से पूरा वातावरण भक्ति मय हो श्रद्धालुओ ने फूलों और गुलाल की वर्षा कर भगवान का स्वागत किया
इस अवसर पर माखन मिश्री प्रसादी का वितरण किया गया मुख्य यजमान सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने आरती उतार कर धर्म लाभ लिया आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और देर तक भक्ति रस में नजर आए




