मेघनगर में ‘लाल पानी’ का रहस्य बरकरार,,, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी में भी बह रहे नाले, लेकिन जांच में सब कुछ साफ…आखिर क्यों..?

मेघनगर@मुकेश सोलंकी
इस भीषण गर्मी में बड़ी बड़ी नदियों का जल स्तर गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है तो वही मेघनगर सीमांतर्गत गारीया नाला एवं गुर्जरपाढ़ा रोड़ स्थित नाला बिना रुके बह रहा है । रिकार्ड तोड़ गर्मी में भी इन नालो का लाल पानी से लबालब भरे रहना किसी चमत्कार से कम नहीं है। रुकिए… चमत्कार यहीं खत्म नहीं होता इन नालो में लबालब भरे और बहते लाल पानी की सुचना जब जिम्मेदार अधिकारीयों को दी जाती है तब यह पानी रहस्यमय तरीके से या तो गायब हो जाता है या उन अधिकारियों को स्वच्छ नजर आने लगता है क्योंकि निरीक्षण के दौरान यदि अधिकारियों को जल प्रदूषित दिखाई देता तो वे इस पर कार्यवाही करते हैं कई बार तो जान्च रिपोर्ट में भी इन अधिकारियों ने इस लाल पानी को प्रदूषण मुक्त बता दिया। जब आम नागरिक इस पानी का स्रोत औद्योगिक क्षेत्र को बताते हैं तो अधिकारी कहते हैं कि औद्योगिक क्षेत्र से किसी भी प्रकार का जल नालो में नहीं छोड़ा जा रहा है । जब बारिश हुई नहीं, पानी का कोई स्रोत है नहीं तो इससे बड़ा चमत्कार कलयुग में और क्या हो सकता है?
गुर्जर पाड़ा के जिस नाले से लाल पानी लगातार बह रहा है उस नाले के आसपास 100 मीटर के क्षेत्र में और भी तीन छोटे नाले स्थित हैं किंतु वह पूरी तरह से सुख चुके हैं बावजूद इसके एक नाले का लगातार बहते रहना और अधिकारियों के आते ही ओझल हो जाना गजब का चमत्कार है।
यदि समय रहते इस आश्चर्यजनक चमत्कार पर जिम्मेदार ध्यान नहीं देंगे तो पिछले वर्ष की तरह ही इस बार भी पहली बारिश के बाद नगर की पेयजल व्यवस्था बाधित होने की पुरी सम्भावना, क्योंकि पिछले वर्ष भी इस चमत्कारी लाल पानी ने मेघनगर को जल प्रदान करने वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट को अपनी तरह ही लाल बना दिया था और कई महीनो तक नगरवासी नल जल योजना से वंचित रहे थे।




