जर्जर हालत में रायपुरिया का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नवीनीकरण की मांग तेज,,नवागत कलेक्टर पर टिकी निगाहें…!

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रायपुरिया@राजेश राठौड़
रायपुरिया क्षेत्र में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जर्जर हालत को लेकर क्षेत्रवासियों में चिंता बढ़ती जा रही है। नवागत कलेक्टर डॉ. यौगेश तुकाराम भरसट से लोगों को उम्मीद है कि वे इस गंभीर समस्या पर ध्यान देकर अस्पताल का शीघ्र नवीनीकरण कराएंगे।

करीब 35 वर्ष पुरानी यह भवन, जो वर्ष 1994 में निर्मित हुई थी, अब पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। बारिश के दिनों में अस्पताल की छत से पानी टपकता है, जिससे मरीजों और स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि छत से लोहे के सरिए तक दिखाई देने लगे हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग 44 गांवों के लोग इलाज के लिए निर्भर हैं, जबकि थाना क्षेत्र के करीब 115 गांव इससे जुड़े हुए हैं। प्रतिदिन यहां 50 से 60 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। अस्पताल में दो चिकित्सक पदस्थ हैं और स्टाफ भी पर्याप्त है, लेकिन भवन की कमी के कारण मरीजों को भर्ती करने में दिक्कतें आती हैं। कई बार मरीजों का इलाज बरामदे में ही करना पड़ता है।

अस्पताल में लैबोरेट्री सुविधा उपलब्ध है, जहां विभिन्न जांचें की जाती हैं, लेकिन अतिरिक्त कक्षों का अभाव साफ नजर आता है। वहीं चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के लिए आवासीय सुविधा भी नहीं है, जिसके चलते कर्मचारियों को किराए के मकानों में रहना पड़ रहा है। यदि अस्पताल परिसर में ही आवास की व्यवस्था हो जाए तो मरीजों को भी त्वरित और बेहतर सेवाएं मिल सकती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल परिसर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जिससे अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, स्टाफ क्वार्टर और बाउंड्री वॉल का निर्माण आसानी से किया जा सकता है।
बारिश का मौसम शुरू होने में अब लगभग ढाई माह का समय शेष है, ऐसे में क्षेत्रवासियों की उम्मीद है कि कलेक्टर आगामी पेटलावद दौरे के दौरान अस्पताल का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाएंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. प्रताप भूरिया ने बताया कि अस्पताल की समस्याओं, जैसे अतिरिक्त कक्षों की कमी, एम्बुलेंस सुविधा और भवन की छत से पानी टपकने की समस्या के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। अब उच्च स्तर से कार्रवाई की प्रतीक्षा है।



