पेटलावद

पौष्टिक भोजन की गुणवत्ता परखी, रसोइयों की कुकिंग प्रतियोगिता में 30 समूहों ने दिखाई पाक-कला,,,प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता आयोजित, उत्कृष्ट समूहों को नकद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए…

पेटलावद डेस्क। कलेक्टर योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशानुसार, सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन और जनपद सीईओ गौरव जैन के सहयोग में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, स्वादिष्ट एवं पौष्टिक मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद शिक्षा केंद्र पेटलावद द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग एवं प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत सांदीपनि विद्यालय में रसोइया सह-सहायक (कुक कम हेल्पर) का व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं कुकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। “हर थाली में पोषण, हर निवाले में स्वाद, हर जीवन में स्वास्थ्य और विकसित भारत-2047 की ओर एक सशक्त कदम” थीम पर आयोजित प्रतियोगिता में क्षेत्र के 15 संकुलों के 30 स्व-सहायता समूहों ने भाग लेकर पौष्टिक एवं स्वादिष्ट व्यंजनों की आकर्षक प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद अध्यक्ष रमेश सोलंकी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष हेमंत भट्ट नायब तहसीलदार अंकिता भिड़े, जिला एमडीएम प्रभारी दीपिका रावत, वरिष्ठ पत्रकार संजय पी. लोढ़ा, समूह संघ अध्यक्ष सुरजी भगोरा, भेरूलाल पाटीदार तथा सीएम राइज विद्यालय के प्राचार्य पी.एल. चौहान मुकेश सिसोदिया, प्रकाश मैड़ा ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। बीआरसी रेखा गिरि स्वामी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण की आवश्यकता, प्रतियोगिता के उद्देश्य एवं प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

प्रतियोगिता में समूहों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न पौष्टिक व्यंजनों का अतिथियों एवं निर्णायकों ने स्वाद लेकर मूल्यांकन किया। व्यंजनों की गुणवत्ता, पोषण मूल्य, स्वच्छता, स्वाद एवं प्रस्तुतीकरण के आधार पर समूहों का चयन किया गया। प्रतिभागियों की पाक-कला और भोजन की गुणवत्ता की सभी अतिथियों ने मुक्तकंठ से सराहना की।

अपने संबोधन में सभी अतिथियों ने कहा कि विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के माध्यम से बच्चों को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने रसोइया समूहों से अपील की कि वे बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वच्छता, गुणवत्ता और पोषण के सभी मानकों का पालन करें तथा भोजन तैयार करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

कार्यक्रम में प्रकाश मेडा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी, स्व-सहायता समूहों के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्य उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समूहों को प्रमाण-पत्र एवं नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रथम स्थान प्राप्त समूह आदर्श स्व सहायता समूह बोलासाको 5 हजार रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त श्री कृष्णा स्व सहयता समूह पेटलावाद, श्रीराम स्व सहायता समूह करड़ावद को 3 हजार रुपये, तृतीय स्थान प्राप्त काशी स्व सहायता समूह झकनावदा, जय अम्बे स्व सहायता समूह बामनिया, कबीर स्व सहायता समूह महुडीपाड़ा कला सांत्वना पुरस्कार प्राप्त साईकृपा स्व सहायता समूह रायपुरिया, जय भोले स्व सहायता समूह मोहन कोट, मारुती स्व सहायता समूह तारखेड़ी को एक-एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।

कार्यक्रम का सफल संचालन लोकेंद्र बैरागी ने किया तथा आभार प्रदर्शन लालसिंह अमलावर ने व्यक्त किया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य रसोइया सह-सहायकों के कौशल का विकास करना, विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना तथा विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

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