खवासा

विकास से पहले विनाश,,,झाबुआ-रतलाम मार्ग पर करोड़ों की सड़क को ठेकेदार और इंडियन ऑयल ने मिलकर खोदा, जिम्मेदार झाड़ रहे पल्ला…

#Jhabuahulchul 

खवासा@आयुष पाटीदार/आनंदीलाल सिसोदिया 

सरकार जहां एक ओर करोड़ों रुपये खर्च करके आम जनता की सहूलियत के लिए चमचमाती सड़कों का जाल बिछा रही है, वहीं दूसरी ओर ठेकेदारों और जिम्मेदार कंपनियों की आपसी सांठगांठ और भारी लापरवाही के चलते जनता के टैक्स का पैसा पानी में बहाया जा रहा है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला झाबुआ-रतलाम मार्ग से सामने आया है, जहां सड़क पूरी तरह बनकर तैयार भी नहीं हुई और उसे पहले ही खोदकर बर्बाद कर दिया गया। बल्कि भारी नुकसान भी हुआ है 

सीएम राइज स्कूल के सामने जेसीबी से खोद दी सड़क

झाबुआ-रतलाम मार्ग पर इन दिनों करोड़ों की लागत से सड़क निर्माण का कार्य जारी है। अभी इस सड़क का निर्माण पूरा भी नहीं हुआ था कि खवासा अंतर्गत सीएम राइज स्कूल के सामने विभागीय लापरवाही का एक बड़ा नजारा देखने को मिला। यहां पेट्रोल-डीजल की पाइपलाइन डालने के नाम पर जेसीबी मशीन दौड़ा दी गई और पूरी नई बनी सड़क को बेरहमी से खोदकर मलबे में तब्दील कर दिया गया। स्कूल के ठीक सामने हुई इस अंधाधुंध खुदाई से न सिर्फ सरकारी पैसे की बर्बादी हुई है,

सवालों के घेरे में इंडियन ऑयल और रोड ठेकेदार, साधी चुप्पी।

इस गंभीर मामले को लेकर जब सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने दूरी बना ली और कोई संपर्क नहीं हो सका। वहीं दूसरी तरफ, इस पूरी लापरवाही को लेकर जब मौके पर मौजूद इंडियन ऑयल कंपनी के कर्मचारियों से बात करने का प्रयास किया गया, तो वे भी जवाब देने के बजाय इधर-उधर पल्ला झाड़ते और बचकर भागते नजर आए।

लेन-देन के खेल की आशंका

इतनी बड़ी लापरवाही बिना किसी बड़ी सेटिंग के मुमकिन नहीं है। अंदरूनी सूत्रों और स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि इंडियन ऑयल कंपनी द्वारा इस पाइपलाइन को डालने के लिए रोड ठेकेदार को कथित तौर पर भारी-भरकम राशि (पैसा) दी गई होगी। इसी मोटी रकम के फेर में रोड ठेकेदार ने अपनी ही बनाई सड़क को बीच में से फाड़ने की मूक सहमति दे दी, जिससे साफ जाहिर होता है कि यहां नियमों को ताक पर रखकर निजी फायदे का खेल खेला गया है।

एसडीएम ने कही जांच की बात…

इस पूरे भ्रष्टाचार और लापरवाही के संबंध में जब एसडीएम भास्कर गालचे से चर्चा की गई उन्होंने कहा कि “मैं इस पूरे मामले को दिखाता हूं और जांच करवाकर फिर आपको बताता हूं।”

अब देखना यह होगा कि क्या इस करोड़ों की सड़क को समय से पहले बर्बाद करने वाले भ्रष्ट ठेकेदार और इंडियन ऑयल के लापरवाह जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है, या फिर जांच के नाम पर इस फाइल को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

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