साध्वी म सा आदि ठाना मेघनगर परिषद परिवार के संग विहार यात्रा रंभापुर में श्री कुंथुनाथ जी मन्दिर में जाकर प्रभु के दर्शन वन्दन किये एव परमात्मा के दर्शन का महत्व बताया..

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मेघनगर@मुकेश सोलंकी-
अति प्राचीन प्रतिमा श्री कुंथुनाथ स्वामी जी जो कि दादा राजेंद्र सूरीश्वर जी के कर कमलों द्वारा प्रतिष्ठित प्रतिमा एव जिनबिम्ब की प्रतिष्ठित पूण्य सम्राट श्री जयंतसेन सूरीश्वर जी म सा की कृपा पात्र साध्वी श्री मयूर कला श्री जी म सा की सु शिष्या पूज्य साध्वी दीप निधि श्री जी म सा आदि ठाना 6 का मेघनगर से रंभापुर तक ससंघ विहार यात्रा प्रात 6 बजे ज्ञान मन्दिर मेघनगर से रंभापुर के लिए विहार के लिए प्रस्थान किया दिनाक 24/05/ 2026 रविवार के दिन रंभापुर के लिए मंगल प्रवेश प्रात 7/30 बजे हुआ बस स्टेंड से ग्राम में भृमण कर गुरुदेव के जयकारों के साथ श्री कुंथुनाथ जी जैन मंदिर में साध्वीजी के निश्रा एव जैन समाज के साथ पहुंचा एव प्रभु के दर्शन वन्दन किये जिसमे प्रभु के दर्शन की विधि नन्हे बालक केतन कावड़िया ने चैत्यवदन के साथ सभी को करवाई एव साध्वीजी के मुखार विद से प्रभु के स्तवन के साथ सभी को विधि करवायगई वहां से ज्ञान मन्दिर रंभापुर में साध्वीजी के साथ विहार संघ आया व ज्ञान मन्दिर में गुरु वन्दन श्रीमती कल्पना रांका ने साध्वीजी के समक्ष की इस पर दीप निधि श्री जी म सा ने प्रवचन के दौरान परमात्मा के दर्शन विधि के बारे में बताया एव दर्शन करने से हमारे पापो को नष्ट एव पूण्य की कमाई कर सकते है गुरुदेव के प्रति सच्ची श्रद्धा भक्ति विश्वास के बारे में में बताया कि गुरु ही हमे परमात्मा के दर्शन करवा सकते है गुरु हमारे लिए वन्दनीय है ये प्रतिमा अति प्राचीन है जिन्होंने अब एक तीर्थ का स्वरूप ले लिया परमात्मा कुंथुनाथ जी के दर्शन करने से हमारे कर्मो का छाए होता है एव पूण्य की कमाई होती है आप सभी को प्रतिदिन ऐसे परमात्मा के दर्शन पूजन भक्ति करना चाहिए एव अपने जीवन को धन्य बनाए यही गुरु का प्रसाद है उसके उपरांत नवकारसी का आयोजन रखा गया जिसका लाभ मेघनगर श्री संघ परिषद के जो विहार यात्रा में आये थे एव रंभापुर श्री संघो ने भी लाभ लिया शाम को विहार मेघनगर की ओर किया गया।




