मेवानगर पेटलावद में विश्व की प्रथम अच्छुपता माताजी की प्रतिमा प्रतिष्ठित, भव्य शोभायात्रा के साथ सम्पन्न हुआ 11 कुण्डीय महायज्ञ…

पेटलावद डेस्क। मेवानगर पेटलावद में धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ विश्व की प्रथम श्री अच्छुपता माताजी (शासन माताजी) की प्रतिमा की विधिवत स्थापना की गई। यह भव्य आयोजन श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ की असीम कृपा एवं नाकोड़ा भैरव देव के परम उपासक श्री सुमित जी पिपाड़ा के सानिध्य में सम्पन्न हुआ।
दो दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के अंतर्गत दामोदर कॉलोनी स्थित भैरव दरबार में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। ट्रस्टी मनीष कुमट ने जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन में भव्य शोभायात्रा, महाआरती एवं 11 कुण्डीय महायज्ञ मुख्य आकर्षण रहे। महायज्ञ में क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं लाभार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
नवमी के पावन अवसर पर रात्रि में गुजरात के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा रंगारंग गरबा प्रस्तुत किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ सांस्कृतिक आनंद से भी सराबोर कर दिया।
शोभायात्रा में 11 सुसज्जित अश्व, बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े एवं ध्वज यात्रा ने विशेष आकर्षण पैदा किया। मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में भक्ति एवं उत्साह का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान ट्रस्टी अध्यक्ष सुनील मालवीय ने पूर्णाहुति में भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे मेवानगर पेटलावद धार्मिक उल्लास से गूंज उठा।
मीडिया प्रभारी पीयूष पटवा ने बताया कि इस आयोजन में रतलाम, दाहोद, इंदौर, झाबुआ सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।





