खबर का असर,,,मासूमों की मौत पर प्रशासन सख्त,,,उदयुपरिया हादसे की एसडीएम ने करवाई जांच,,निजी खेत में बिना अनुमति खोदा गया था खुला कुआं…

थांदला@आयुष पाटीदार/उमेश पाटीदार
ग्राम उदयपुरिया में दो मासूम भाई-बहन की खुले कुएंनुमा गड्ढे में डूबने से हुई दर्दनाक मौत के मामले को “झाबुआ हलचल” ने प्रमुखता से उठाया था। “मुंडेर नहीं, सुरक्षा नहीं… खुले कुएं ने छीन ली दो मासूमों की सांसें, जिम्मेदार कौन..?” शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया और थांदला एसडीएम भास्कर गाचले ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए.।

दोनों नाबालिग की बिना मुंडेर के कुएं में डूबने से हुई मृत्यु के पश्चात एसडीएम थांदला ने संज्ञान लेते हुए बच्चों की कैसे मौत हुई तथा जिस कुएं में बच्चों की डूबने से मौत हुई है वह कुआं शासन के किस मद से बना है। इसकी जांच एसडीएम थांदला भास्कर गाचले द्वारा तत्काल प्रभाव से करवाई गई। जांच सहायक विकास विस्तार अधिकारी जनपद पंचायत थांदला से करवायी जाकर जांच प्रतिवेदन तलब किया गया। जांच प्रतिवेदन अनुसार ग्राम पंचायत उदयपुरिया के सिब्बल फलिया में दिनांक 15 जून को पानी में डूबने से दो भाई-बहन नंदिनी उम्र 5 वर्ष एवं भाई शनिराज उम्र लगभग 4 वर्ष की मृत्यु हुई थी। यह कि उक्त निजी कुआं ललिता पति स्वर्गीय कैलाश वसुनिया निवासी उदयपुरिया की भूमि सर्वे नम्बर 108/7 के निजी खेत में लगभग 7-8 फीट खुला हुआ गड्डा है। उपरोक्त कूप का गड्डा किसी भी शासकीय योजनान्तर्गत स्वीकृत नहीं है और ना ही ग्राम पंचायत से कुआं खोदने की मौखिक व लिखित अनुमति भूमि स्वामी के द्वारा नही ली गयी थी। भूमि स्वामी ललिता वसुनिया के द्वारा उक्त कूप का गड्डा खोदा गया था। जिसको लेकर ग्राम पंचायत द्वारा भूमि स्वामी को गड्डा भरने एवं तार फेंसिग करने के निर्देश तत्काल प्रभाव से दे दिए गए हैं।
बच्चों की हुई मौत के मामले के बाद ग्राम के सरपंच भारत कटारा ने मृतक बच्चों के माता-पिता को संबल योजना अन्तर्गत पांच पांच हजार अत्येष्टि सहायता राशि पीडि़त परिवार के घर जाकर प्रदाय की गई। यह एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना है। बिना मुंडेर या खुले गड्ढे ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर बड़े हादसों का कारण बनते हैं और इस मामले में दो मासूम भाई-बहन नंदिनी और शनिराज को अपनी जान गंवानी पड़ी।
प्रशासनिक कार्रवाई-
एसडीएम थांदला भास्कर गाचले ने मामले पर तुरंत संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। जनपद पंचायत थांदला के सहायक विकास विस्तार अधिकारी द्वारा जांच की गई जांच के निष्कर्ष-जिस कुएं में हादसा हुआ वह ललिता पति स्वर्गीय कैलाश वसुनिया के निजी खेत सर्वे नंबर 108/7 में स्थित लगभग 7-8 फीट गहरा खुला गड्ढा है। यह कुआं किसी भी सरकारी योजना के तहत नहीं बना था, और न ही इसे खोदने के लिए ग्राम पंचायत से कोई लिखित या मौखिक अनुमति ली गई थी।
तात्कालिक कदम पटवारी एवं ग्राम पंचायत ने भूमि स्वामी ललिता वसुनिया को उस गड्ढे को तुरंत भरने और उसके चारों ओर तार फेंसिंग लगाने के नोटिस निर्देश जारी किए हैं। पीडि़त परिवार को सहायता- ग्राम सरपंच भारत कटारा ने पीडि़त माता-पिता के घर जाकर श्संबल योजना के अंतर्गत पांच-पांच हजार रुपए याने कुल 10 हजार रुपए की अंत्येष्टि सहायता राशि प्रदान की है।
एक जरूरी सीख-
यह घटना याद दिलाती है कि खेतों या घरों के आसपास खुले पड़े कुएंए बोरवेल या गहरे गड्ढे बच्चों के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए निजी स्तर पर भी मुंडेर बनवाना या फेंसिंग करना बेहद जरूरी है।




