ग्राम पंचायत पर जमकर बरसीं जनपद उपाध्यक्ष,,, अपनी ही सरकार को दिखाया आईना,,, बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ पहुंचीं नायब तहसीलदार कार्यालय,,, देखें झाबुआ हलचल पर वीडियो, क्या कहा…

खवासा@आयुष पाटीदार/आनंदीलाल सिसोदिया
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता की आवाज़ होते हैं, लेकिन जब उन्हें अपनी ही सरकार और प्रशासन के सामने जनता की बुनियादी समस्याओं को लेकर मोर्चा खोलना पड़े, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन जाता है। खवासा में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहाँ जनपद उपाध्यक्ष ने जनता की पीड़ा को लेकर अपनी ही सरकार को बेबाक अंदाज़ में आईना दिखा दिया।
खवासा में गहराए जल संकट और जल जीवन मिशन योजना में हो रहे विसंगतिपूर्ण कार्य को लेकर आज ग्रामवासी स्थानीय उपतहसील कार्यालय पहुंचे और नायब तहसीलदार राजेश जमरा को ज्ञापन सौपा। थांदला जनपद उपाध्यक्ष मायादेवी प्रेमसिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाए भी एकत्रित होकर ज्ञापन देने पहुँची। नायब तहसीलदार को ज्ञापन देने के पूर्व मायादेवी ने ग्राम पंचायत खवासा, जल जीवन मिशन का कार्य कर रहे ठेकेदार और पीएचई विभाग के खिलाफ जमकर मोर्चा खोल दिया। योजना में हो रहे विसंगतिपूर्ण कार्यों एवं कथित भ्रष्टाचार को लेकर जनपद उपाध्यक्ष ने अपनी ही सरकार को आईना दिखा दिया।

मायादेवी चौधरी ने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना होने के बावजूद इसका लाभ खवासा की जानता को नहीं मिल पा रहा है। गांव में, ढोलखरा से टंकी तक पाइप लाइन बिछाने एवं ढोलखरा तालाब पर कूप निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। कुएं में भरपूर पानी भरा है। किंतु ठेकेदार, पीएचई विभाग की लापरवाही और ग्राम पंचायत की उदासीनता के चलते उस पानी का लाभ खवासा की जानता को नहीं मिल पा रहा है।

मायादेवी ने कहा कि योजना इस्टीमेट में शामिल ढोलखरा में विद्युत डीपी और मोटर पम्प लगाने का कार्य पूर्ण कर दिया जाए तो खवासा में पेयजल संकट समाप्त हो सकता है। लेकिन ठेकदार ने उस जरूरी कार्य को छोड़कर गांव में रोड बनाने का काम शुरू कर दिया है जिसमे भी भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। मायादेवी ने कहा कि फिलहाल गाँव में 15-20 दिनों में पानी वितरण हो रहा है, लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है तो ऐसे में बनाए जा रहे रोड की तराई कैसे हो पाएगी? किए जा रहे घटिया निर्माण एवं तराई के अभाव में रोड दम तोड़ देगा। ज्ञापन में खवासा में फ़िल्टर प्लांट लगाने और माही डेम से खवासा क्षेत्र के गाँवों को भी पानी देने की माँग की गई है।
पंचायत पर उपेक्षा के आरोप
ज्ञापन देने आई महिलाओं में ग्राम पंचायत के ख़िलाफ़ भारी आक्रोश दिखाई दिया। जनपद उपाध्यक्ष ने ग्राम पंचायत खवासा पर उपेक्षा करने के आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें विकास कार्यों से दूर रखा जाता है। गांव में रोड बनाने का निर्णय भी कुछ ही लोगों ने ले लिया ना तो ग्राम सभा रखी और नहीं ग्रामवासियों को इसकी जानकारी दी। इस्टीमेट आदि भी सार्वजनिक नहीं किए गए।
इस संबंध में ग्राम पंचायत खवासा के कांतिलाल परमार से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा। इसलिए इस मामले में उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
उपसरपंच मनोहर बारिया ने बताया कि जल जीवन मिशन का कार्य अभी जारी है। ठेकेदार ने योजना अभी ग्राम पंचायत को हैंडओवर नहीं की है। कार्य पूर्ण होने के बाद टेस्टिंग कर योजना का हैंडओवर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत निर्माण कार्य की निगरानी कर रही है।
वहीं नल-जल योजना के ठेकेदार ने बताया कि कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है। जो काम शेष है, उसे जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रेमसिंह चौधरी ने कहा कि पहले भी नल-जल योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि नए बने कुएं में पर्याप्त पानी उपलब्ध है और पाइपलाइन भी बिछ चुकी है, इसलिए जल्द से जल्द विद्युत लाइन व मोटर लगाकर योजना शुरू की जाए। साथ ही उन्होंने मांग की बारिश न होने के कारण l सड़क निर्माण को फिलहाल रोका जाए। तकनीकी मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए।





