बरवेट के ग्राम मनास्या में गूंजी ‘जय अम्बे माँ’—भव्य मंदिर स्थापना से बना आस्था का केंद्र…

सारंगी@संजय उपाध्याय
अम्बे माँ की प्राण प्रतिष्ठा के साथ गांव में उमड़ा जनसैलाब, हुआ विशाल भंडारा
राठौड़ परिवार की पहल से मनास्या को मिला भव्य अम्बे माँ मंदिर
मांगीलाल राठौड़ ने कराया मंदिर निर्माण, गांव में दिखा भक्ति का महासंगम
मनास्या गांव में आज आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ अम्बे माँ मंदिर की भव्य स्थापना की गई। इस पावन अवसर पर गांव का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया और चारों ओर “जय अम्बे माँ” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर में स्थापित की गई मां अम्बे की मूर्ति आकर्षण का केंद्र रही, जिसके दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
मंदिर निर्माण एवं मूर्ति स्थापना का यह पुण्य कार्य मांगीलाल भेरू लाल जी राठौड़ पड़ियार परिवार। (बावड़ी धुवारा) द्वारा संपन्न कराया गया। उनके इस सराहनीय प्रयास से गांव को एक भव्य धार्मिक स्थल की सौगात मिली है, जिससे ग्रामीणों में खासा उत्साह और गर्व देखा गया।
स्थापना समारोह के उपलक्ष्य में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन में अनुशासन और सेवा भाव का विशेष ध्यान रखा गया, वहीं ग्रामीणों ने मिलकर पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पूरे आयोजन में भक्ति, एकता और परंपरा की झलक साफ देखने को मिली।
ग्रामीणों ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक और गर्व का पल बताया।
यह मंदिर आने वाले समय में क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा।




