खवासा नाके पर अवैध शराब का कारोबार बेखौफ जारी, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल,,,बामनिया में आस्था का पर्व, लेकिन शराब माफियाओं को ना नियमों की परवाह, ना परंपराओं की चिंता…

बामनिया@जितेंद्र बैरागी
बामनिया के खवासा नाके के आसपास अवैध शराब के कई अड्डे खुलेआम संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से कई ठिकाने मुख्य सड़क किनारे ही चल रहे हैं, जहां से दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की नाक के नीचे चल रही इन गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर अवैध शराब कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं?
शराब कारोबार से जुड़े लोगों में यह चर्चा भी आम है कि पुलिस की गाड़ी आते ही कुछ बोतलें-बियर के डिब्बे और “रवानी” देकर मामला शांत हो जाता है। यदि यह स्थिति सही है तो यह कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आखिर पुलिस की भूमिका सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित रह गई है क्या..?
वहीं 14 जुलाई को पूरा बामनिया नगर उज्जैनी पर्व की आस्था में डूबा रहा। इंद्रदेव को प्रसन्न करने और अच्छी बारिश की कामना को लेकर अधिकांश व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, लेकिन अवैध शराब बेचने वालों पर ना पर्व की आस्था का असर दिखा और ना ही सामाजिक मर्यादाओं की चिंता।
जब पूरा नगर परंपरा और आस्था के साथ खड़ा था, तब कुछ लोग खुलेआम शराब का कारोबार करते नजर आए। अब देखना होगा कि प्रशासन और पुलिस इस खुलेआम चल रहे अवैध कारोबार पर कब तक सख्ती दिखाती है।



