रायपुरिया के युवाओं ने बदली तस्वीर: कचरे के ढेर वाला मैदान आज बना मयूरों का बसेरा…

रायपुरिया@राजेश राठौड़
रायपुरिया की धरती पर आज एक ऐसी मिसाल कायम हुई है जिसने पूरे गांव की तस्वीर बदल दी है। कभी गंदगी और कचरे के ढेरों से अटा पड़ा मयूर पार्क आज अपनी हरियाली और शांति के लिए जाना जाता है। इस परिवर्तन के पीछे गांव के ही 10 से 12 उत्साही युवाओं की कड़ी मेहनत और जज्बा छुपा है। इन युवाओं ने खुद के पैसों से डोनेशन एकत्रित किया और सबसे पहले बदहाल हो चुके इस स्थान का समतलीकरण करवाया। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने वहां लगभग 40 से 50 पौधों का रोपण किया, जो आज बड़े होकर अपनी घनी छांव से राहगीरों और ग्रामीणों को सुकून प्रदान कर रहे हैं।
इस नेक पहल को सुरक्षित रखने के लिए युवाओं ने पूरे पार्क के चारों ओर तार फेंसिंग करवाई, जिससे यहां आने वाले राष्ट्रीय पक्षी मोर बेखौफ होकर विचरण कर सकें। इन मोरों के लिए युवाओं ने एक विशेष चबूतरा तैयार किया है, जहां ग्रामवासी नियमित रूप से अनाज डालते हैं। मोरों की प्यास बुझाने के लिए पार्क में पानी के दो होद रखे गए हैं, जिनकी प्रतिदिन सफाई की जाती है। गांव के प्रति इस समर्पण को देखते हुए ग्राम पंचायत ने भी सहयोग का हाथ बढ़ाया है और वहां नल कनेक्शन लगवाया है, जिससे मोरों को शुद्ध पानी मिल सके। युवाओं की इस सोच और मेहनत ने न केवल एक बंजर जगह को हरा-भरा बना दिया है, बल्कि गांव में पर्यावरण और जीव-दया के प्रति एक सकारात्मक संदेश भी प्रेषित किया है।



