थांदला

किसानों के हितों पर लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त: एसडीएम भास्कर गाचले…फार्मर आईडी में ढिलाई पर 22 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस • वर्षाकाल में सतत मैदानी भ्रमण, त्वरित राहत, विवादों के मौके पर निराकरण और लंबित राजस्व प्रकरण तत्काल निपटाने के सख्त निर्देश…

थांदला@आयुष पाटीदार 

शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचे तथा राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और जनोन्मुखी बने, इसी उद्देश्य से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भास्कर गाचले ने शुक्रवार को तहसील थांदला के समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों की मैराथन समीक्षा बैठक लेकर राजस्व व्यवस्था को लेकर कड़ा संदेश दिया। बैठक में कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए एसडीएम ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की उदासीनता अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर लगभग 22 पटवारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। एसडीएम भास्कर गाचले ने स्पष्ट कहा कि किसानों से जुड़े कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और इनमें देरी या लापरवाही सीधे किसानों के हितों को प्रभावित करती है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

एसडीएम ने वर्षाकाल को देखते हुए सभी पटवारियों को अपने-अपने हल्कों में नियमित एवं सतत भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना अथवा अन्य आकस्मिक घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचे, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन, अतिक्रमण, अवैध कब्जों तथा भूमि विवादों जैसे मामलों का अधिकतम निराकरण मौके पर ही किया जाए। पटवारी स्तर पर समाधान संभव नहीं होने पर नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार स्वयं हस्तक्षेप कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि आम नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए अनावश्यक रूप से वरिष्ठ कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जनहानि, पशुहानि अथवा संपत्ति की क्षति होने पर संबंधित हल्का पटवारी को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे कर राहत प्रकरण तैयार करने तथा तत्काल तहसीलदार को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि पात्र हितग्राहियों को बिना विलंब राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में वर्षाकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया। एसडीएम ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व अधिकारी अपने क्षेत्रों में खुले कुएं, डबरे तथा अन्य असुरक्षित स्थानों का निरीक्षण करें। जहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, वहां संबंधित ग्राम पंचायतों के माध्यम से नोटिस जारी कर तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित कराए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि रोकी जा सके।

ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित पेयजल संकट को लेकर भी एसडीएम ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने सभी पटवारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों का भौतिक निरीक्षण करें तथा जहां जल संकट की आशंका हो, उसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दें, जिससे समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।

बैठक में एसडीएम भास्कर गाचले ने कहा कि राजस्व विभाग की छवि जनता के बीच उसके मैदानी कर्मचारियों के व्यवहार और कार्यशैली से बनती है। प्रत्येक पटवारी अपने क्षेत्र में नियमित उपस्थिति दर्ज कराते हुए आमजन के प्रति संवेदनशील, पारदर्शी एवं सहयोगात्मक व्यवहार अपनाए। उन्होंने कहा कि जो कार्य पटवारी स्तर पर संभव हैं, उनका तत्काल निराकरण किया जाए, तहसील स्तर के मामलों को समयबद्ध ढंग से निपटाया जाए तथा जिला स्तर के प्रकरणों को बिना विलंब संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि किसी भी किसान या आम नागरिक को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक के अंत में एसडीएम ने नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी पटवारियों को निर्देश दिए कि वे तत्काल मौके पर जाकर प्रतिवेदन तैयार करें और संबंधित तहसीलदार को प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लंबित प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, टालमटोल अथवा अनावश्यक विलंब अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समयबद्ध, पारदर्शी एवं जनहितकारी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक के दौरान एसडीएम भास्कर गाचले ने राजस्व अमले का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी कार्यशैली से विभाग की सकारात्मक पहचान स्थापित करे। जनता का विश्वास ही प्रशासन की सबसे बड़ी पूंजी है और यह विश्वास केवल ईमानदार, संवेदनशील एवं समयबद्ध कार्यप्रणाली से ही अर्जित किया जा सकता है।

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