सड़क खुदी, धूल-गड्ढों में सफर और ऊपर से टोल वसूली, वाहन चालकों में भारी आक्रोश….

झाबुआ@जितेंद्र बैरागी
झाबुआ से रतलाम के बीच लगभग 115 से 120 किलोमीटर लंबे स्टेट हाईवे का निर्माण कार्य करीब 432 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। वर्तमान में इस मार्ग पर निर्माण कार्य तेज गति से जारी है। कई गांवों के समीप सड़क पूरी तरह खुदी हुई है, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद रतलाम जिले के कलमोड़ा तथा झाबुआ जिले के अंतरवलिया स्थित टोल प्लाजा पर नियमित रूप से टोल वसूली जारी है।

वाहन चालकों, विशेषकर ट्रक संचालकों का कहना है कि जब सड़क निर्माणाधीन है और मार्ग पर सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तब टोल वसूली करना उचित नहीं माना जा सकता। जगह-जगह सड़क खुदी होने के कारण वाहनों की गति प्रभावित हो रही है, यात्रा में अतिरिक्त समय लग रहा है तथा डीजल की खपत भी बढ़ रही है। ऐसे में वाहन चालक उस सुविधा का शुल्क अदा कर रहे हैं, जो उन्हें प्राप्त नहीं हो रही है।
ट्रक चालकों ने टोल संचालन की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि टोल प्लाजा पर निर्धारित दरों की सूची कहीं से कहीं तक प्रदर्शित नहीं की गई है। साथ ही यह जानकारी भी प्रमुखता से उपलब्ध नहीं है कि टोल किस एजेंसी द्वारा संचालित किया जा रहा है, इसकी स्वीकृति अवधि क्या है तथा किस आधार पर शुल्क वसूला जा रहा है। इससे वाहन चालकों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रतलाम-झाबुआ मार्ग पर स्थित दोनों टोल प्लाजा एक ही सड़क परियोजना के अंतर्गत संचालित हैं। 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक लागू टोल दरों में लाइट कमर्शियल व्हीकल (LCV) के लिए 90 रुपये, ट्रक के लिए 230 रुपये तथा मल्टी एक्सल ट्रक के लिए 455 रुपये प्रति यात्रा निर्धारित वसूल की जा रही है।
इस संबंध में टोल मैनेजर आलोक शर्मा ने बताया कि दोनों टोल प्लाजा विभाग की अनुमति से संचालित हो रहे हैं तथा विभाग द्वारा जो भी निर्देश दिए जाएंगे, उनका पालन किया जाएगा।
हालांकि वाहन चालकों का कहना है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होकर आम जनता को बेहतर और निर्बाध सुविधा उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक टोल वसूली पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि निर्माणाधीन सड़क पर पूर्ण टोल वसूली न्यायसंगत नहीं है और संबंधित विभाग को इस विषय में स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए।




