रायपुरिया में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही वट सावित्री पूर्णिमा, सुहागिनों ने की अखंड सौभाग्य की कामना…

रायपुरिया@राजेश राठौड़
आषाढ़ माह की पूर्णिमा के अवसर पर रायपुरिया में वट सावित्री का पर्व पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस विशेष दिन पर नगर की सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए वट वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
वट वृक्ष की परिक्रमा और धागा अर्पण
पर्व को लेकर सुबह से ही महिलाओं में काफी उत्साह देखा गया। सज-धज कर बड़ी संख्या में महिलाएं वट वृक्षों के नीचे एकत्र हुईं। महिलाओं ने वट वृक्ष के तने पर सूत का पवित्र धागा लपेटकर उसकी परिक्रमा की। मान्यताओं के अनुसार, वट वृक्ष की आयु बहुत लंबी होती है, इसीलिए महिलाएं प्रार्थना करती हैं कि उनके पति की आयु भी वट वृक्ष की भांति दीर्घायु और अटूट हो।
कथा वाचन और धार्मिक अनुष्ठान
पूजा के दौरान पंडित जितेंद्र त्रिवेदी, योगेश शर्मा और पंडित रघुनंदन बैरागी द्वारा वट सावित्री की पौराणिक कथा का वाचन किया गया। महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक कथा सुनी और व्रत का संकल्प लिया। इस अवसर पर पुष्पा राठौड़, कोमल चौधरी और किरण पाटीदार सहित बड़ी संख्या में नगर की महिलाएं और युवतियां पूजन सामग्री के साथ उपस्थित रहीं।
आस्था का केंद्र बना वट वृक्ष
सुहागिन महिलाओं ने बताया कि वट सावित्री का यह व्रत सुहाग की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दिनभर महिलाओं का वट वृक्ष के नीचे पूजन के लिए आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।




