मेघनगर

साइबर जागरूकता अभियान सेफ क्लिक 2.0 के तहत मेघनगर पुलिस ने किया कार्यक्रम का आयोजन….

मेघनगर@मुकेश सोलंकी

आज का समय डिजिटल क्रांति का है और इसी डिजिटल क्रांति ने लोगों के कई कामों को आसान और तेज बना दिया है लेकिन कुछ लालची लोगों ने इस डिजिटल क्रांति को ही ठगी का साधन बना दिया, ऐसे ठग लोगों द्वारा फोन कॉल , विडिओ कॉल एवं ओटीपी की मांग करके आर्थिक रूप से नागरिकों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। नागरिक जन ऐसी ठगी का शिकार ना हो इसलिए पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया के मार्गदर्शन में मेघनगर पुलिस द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और इसी अभियान के अंतर्गत क्षेत्र के ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाने के लिए कोटवारों को इससे बचने के लिए विस्तृत जानकारी से अवगत करवाया गया। थाना प्रभारी दिनेश शर्मा ने बताया कि कोटवारों के माध्यम से ग्रामीणों तक साइबर ठगी से बचने के उपाय भेजना काफी उपयोगी सिद्ध होगा क्योंकि कई ग्रामीण ऐसे भी होते हैं जो कई दिनों तक बाजार नहीं आते हैं ऐसे में यदि कोटवार गांव में जाकर उन लोगों को साइबर क्राइम से बचने के उपाय समझाएंगे तो निश्चित रूप से ग्रामीण इसका शिकार होने बच पाएंगे। इस दौरान तहसीलदार विजय कान्त पाण्डेय, समस्त पुलिस स्टाफ एवं बड़ी संख्या में कोटवार उपस्थित रहे।

साइबर अपराध से बचने टीआई ने दिया मूल मंत्र “रुको ,सोचो , क्लिक करो”

थाना प्रभारी ने साइबर ताकि से बचने के लिए एक मूल मंत्र दिया उन्होंने कहा कि जब भी किसी अनजान नंबर से कोई कॉल या वीडियो कॉल आए तो उसे क्लिक करने से पहले रुके सोचे और फिर क्लिक करें , रुकना इसलिए है कि पहलेआप ठीक से नंबर देखें क्या यह आपके परिचित का नंबर है, यदि नहीं तो सोचे इस व्यक्ति ने मुझे कॉल या वीडियो कॉल क्यों किया होगा और फिर उचित लगे तो क्लिक करें। किसी भी अनजान को ओटीपी देने से बचे।

पुलिस की अपील

पुलिस नागरिको से अपील करती है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फर्जी निवेश, सोशल मीडिया फ्रॉड या अन्य साइबर अपराध का सामना करना पड़े, तो बिना विलंब किए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत दर्ज कराने से साइबर अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करने एवं ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

“अनजान या संदेहास्पद नंबरों से कॉल या वीडियो कॉल आए तो उसे रिसीव ना करना ही साइबर ठगी से बचने का सबसे अच्छा उपाय है” —- विजय कान्त पांडेय, तहसीलदार, मेघनगर।

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