बामनिया
न पद, न राजनीति… एक जागरूक युवा की पहल से घंटों में दूर हुई रेलवे स्टेशन की पानी की समस्या।

बामनिया@जितेंद्र बैरागी
जनसेवा के लिए न अधिकारी होना जरूरी है, न नेता और न ही पत्रकार। जरूरत है तो सिर्फ एक शिक्षित और जागरूक नागरिक बनने की।
ऐसा ही उदाहरण बामनिया में देखने को मिला, जब लुणावत परिवार के एक युवा ने रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को पेयजल की समस्या से परेशान देखा। पानी की टंकियां खाली होने पर उन्होंने तुरंत सोशल मीडिया के माध्यम से रतलाम डीआरएम को सूचना दी।
सकारात्मक पहल का असर यह रहा कि डीआरएम कार्यालय ने न केवल समस्या पर तुरंत संज्ञान लिया, बल्कि स्वयं समस्या के कारण का बामनिया रेलवे स्टेशन पर पता लगातार उक्त जानकारी देकर चंद घंटों में उसका समाधान भी करवा दिया।
एक जागरूक नागरिक की छोटी सी पहल ने सैकड़ों यात्रियों को राहत पहुंचाई। यही है असली जनसेवा, यही है जागरूकता की ताकत।




