झाबुआ में सख्ती: धारा 163 लागू किरायेदार और बाहरी व्यक्तियों की जानकारी देना अब अनिवार्य, बिना सूचना नहीं रह सकेंगे किरायेदार, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई…

झाबुआ@आयुष पाटीदार
जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163(1) एवं 163(2) के तहत संपूर्ण जिले में किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों तथा विभिन्न संस्थानों में ठहरने वाले लोगों की जानकारी संबंधित थाने को देना अनिवार्य कर दिया है।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार झाबुआ जिले की भौगोलिक स्थिति गुजरात एवं राजस्थान की सीमाओं से जुड़ी होने के कारण यहां बाहरी व्यक्तियों का आवागमन लगातार बना रहता है। कई मामलों में पुलिस जांच के दौरान बाहरी व्यक्तियों एवं किरायेदारों की सही जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया गया है।
आदेश के तहत मकान एवं दुकान मालिकों को किसी भी किरायेदार को रखने से पहले संबंधित थाने में निर्धारित प्रारूप में सूचना देना अनिवार्य होगा। साथ ही किरायेदार के आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा अन्य वैध पहचान-पत्रों की प्रतियां सुरक्षित रखना भी आवश्यक होगा। घरेलू कामगारों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियुक्त कर्मचारियों की जानकारी भी नियुक्ति से पूर्व थाने में देना होगी।
इसके अलावा होटल, लॉज, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, बोर्डिंग हाउस, सर्किट हाउस, रेस्ट हाउस, रिसोर्ट एवं अन्य आवासीय संस्थानों में ठहरने वाले सभी व्यक्तियों से पहचान-पत्र लेना अनिवार्य किया गया है। इन संस्थानों को प्रत्येक माह ठहरने वाले व्यक्तियों की सूची संबंधित थाने को उपलब्ध करानी होगी।
ऑनलाइन शॉपिंग, होम डिलीवरी और कूरियर सेवाएं संचालित करने वाली कंपनियों को भी अपने डिलीवरी कर्मचारियों की पूरी जानकारी तथा उनके पहचान-पत्रों की प्रतियां संबंधित थानों में जमा करानी होंगी। वहीं निजी सुरक्षा एजेंसियों को अपने द्वारा नियुक्त सुरक्षा गार्डों का विवरण एवं पहचान संबंधी दस्तावेज भी थाने में उपलब्ध कराना अनिवार्य रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जनहित, लोकशांति, जनसुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है। आदेश की व्यक्तिगत सूचना सभी तक पहुंचाना संभव नहीं होने के कारण इसे एकपक्षीय रूप से लागू किया गया है।
04 जून 2026 से 04 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहने वाले इस आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



