मेघनगर

श्री जैन को सनातन धर्म के इतने बडे आयोजन करवाने को लेकर मैं साधुवाद देता हूँ – पँ कमल किशोर नागर…

मेघनगर@मुकेश सोलंकी 

सिर के नीचे जो तकिया लगाते हो उसे भगवत चरण समझो….हर कर्म को पूजा की तरह करो l जैसे बचपन मे हम माँ की उंगली पकडकर चलते है वैसे ही हमे जवानी में भी किसी संत या महात्मा की उंगली पकड लेना चाहिए मतलब उनका सानिध्य प्राप्त कर उनके बताए का अनुसरण करना चाहिए तभी मृत्यु के समय परमात्मा हमारी उँगली पकडता है कभी भी हमको माता पिता गुरु और गोविंद की नजरों से नही गिरना चाहिए….बहु को साँस की नजरों से नही गिरना चाहिए हर परिस्थिति में उसकी सेवा करना चाहिए l पिता कितना भी पुत्र को डांटे पुत्र को उसके सामने कभी नहीं बोलना चाहिए पिता की डांट को धैर्य के साथ सुनना चाहिए क्योंकि पिता की डांट में हमेशा पुत्र के लिए दया का भाव होता है जैसे ईश्वर का अपने भक्तों की प्रति होता है जैसे हम किसी संत के पैर छूते हैं भगवान के दर्शन करते हैं तो हम कहते हैं कि आपकी दया दृष्टि बनी रहे यही दया दृष्टि पिता की डांट में होती हैँ….अपनी कथा के दूसरे दिन उक्त प्रमुख बातें मालवा की माटी के संत पंडित कमल किशोर नागर जी ने श्रीमद् भागवत कथा के दौरान फुटतालाब में कही उन्होंने विशेष रूप से यह बात कही की श्री सुरेश चंद्र पूरणमल जैन जैन समाज के होकर भी सनातन धर्म के लिए इतनी बड़ी कथाएं और धार्मिक आयोजन करते हैं मैं इनको साधुवाद देता हूँ….मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री वनेश्वर मारुति नंदन हनुमान मंदिर पर पँडित कमल किशोर नागर जी के मुखारविंद से चल रही श्रीमद् भागवत कथा में विशेषकर ग्रामीण अंचलों से भारी संख्या में महिलाएँ पहुँच रही है कथा में जिले के थांदला रायपुरिया परवलिया रंभापुर खच्चर तोडी सजेली अगराल राणापुर और आलीराजपुर से लोग मालवा की माटी के संत का सानिध्य पा कर भक्ति भाव से ओतप्रोत दिखाई दे रहे हैं । कथा के समापन पर सजेली गांव के लोगों ने महाराज से मिलकर आशीर्वाद लिया शुभ कर्म करने का संकल्प लिया
कथा समापन पर समाजसेवी सुरेश चंद्र पूरनमल जैन परिवार सहित भगवत पुराण की आरती की।आयोजन समिति के प्रमुख सदस्य मध्य प्रदेश के यशस्वी समाजसेवी श्री सुरेश चंद्र पूरणमल जैन श्रीमती सीमा सुरेश जैन युवा समाजसेवी राजेश रिंकू जैन श्रीमति नीता राजेश जैन जैकी जैन पूर्वा जैन पूजा जैन अंकित जैन अंतिम बाला जैन के साथ हार्दिक कोठारी और आयोजन समिति के सभी सदस्यों के साथ मंदिर के महंत श्री दिलीप दास जी महाराज ने विशेष रूप से श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण करने के लिए फुटतालाब आने का विनम्र आग्रह किया है सभी ने अपील की है की श्रीमद् भागवत कथा के पश्चात प्रतिदिन हो रहे भंडारे में भी सभी लोग पहुँचे और प्रसादी का लाभ लें कथा में पहुंचने के लिए श्री जैन द्वारा विशेष रूप से प्रमुख जगहों से बसों की निशुल्क व्यवस्था भी की गई है l कथा का समय प्रतिदिन 12 से 3 बजे तक रखा गया हैं….

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