भक्ति में भाव महत्वपूर्ण है : पंडित महावीर शर्मा

सारंगी@संजय उपाध्याय
नगर के श्री खेड़ापति हनुमान जी मंदिर परिसर में चल रही नो दिवसीय संगीत मय राम कथा के चतुर्थ दिवस प्रभु श्री राम का जन्म दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया व्यास पीठ पर प्रभु श्री राम का श्रोताओ ने पुष्प वर्षा एवं भजनों पर झूम कर स्वागत किया
पंडित महावीर शर्मा ने श्री राम कथा के चतुर्थ दिवस पर माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया गया आपने कहा कि माता-पिता की चरणों का नियुक्त पूजन सभी तीर्थ का फल देता है उन्होंने प्रभु श्री राम के जन्म पर भावपूर्ण वर्णन किया जिससे श्रोता भाव बिफोर हो गए प्रभु श्री राम के जन्म से पूरा कथा पंडाल जय श्री राम के नाम से गूंज उठा उन्होंने बताया कि यह प्रभु की विनम्रता और भक्त के प्रति प्रेम दर्शाता है जो समाज में समर्थ व समानता का संदेश देता है श्री राम के जन्म को लेकर राजा दशरथ ने राजमहल में खुशियां मनाई प्रभु श्री राम त्याग प्रेम और धर्म का सर्वोच्च उदाहरण हे आपने बताया कभी भी मनुष्य को अहंकार नहीं करना चाहिए अहंकार से निश्चित नाश का संदेश मिला है महावीर शर्मा ने श्रोताओं को बताया की भक्ति में जाति पाती पाती नहीं केवल भाव महत्वपूर्ण है जहां भी कथा होती है वहां पहुंचकर मनुष्य को अपने जीवन को धन्य बनाने के लिए कथा श्रवण करना चाहिए जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है इससे व्यक्ति के जीवन में सुख स्मृति के द्वारा खुलते हैं और असीम शांति मिलती है
श्री राम कथा का आयोजन नानालाल एवं जोशी परिवार की ओर से चल रहा है प्रतिदिन कथा श्रवण करने के लिए श्रोताओं की भीड़ उमड़ रही है महा आरती एवं महाप्रसाद दी का भी वितरण किया जा रहा है





