सप्तदिवसीय प्राण प्रतिष्ठा के तीसरे दिन चला आहुतियां का दौर,,,प्रतिमाओं को मंत्रोपचार के साथ विधि विधान से की गई पूजा…

यज्ञ की आहुति के धुएं से आसमान में शुद्धिकरण होता है जिसका सभी मानव प्रकृति पर होता है यह काफी प्रभावशाली है
रायपुरिया@राजेश राठौड़
ग्राम रायपुरिया में पाटीदार समाज समिति एव मंदिर निर्माण समिति रायपुरिया द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत सात दिवसीय पंच कुंडात्मक रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जिसमें श्रीकृष्ण कामधेनु गौशाला के संस्थापक यज्ञाचार्य आचार्य पंडित देवेंद्र शास्त्री धरियाखेड़ी मंदसौर वाले द्वारा मंत्रोच्चार के साथ सभी प्रमुख जजमानों को यज्ञ शाला में प्रवेश दिलवाकर हवन में घी और ज्यों तिल की आहुतियां दी गई। इससे पहले सप्तदिवसीयप्राण प्रतिष्ठा में गंगाजल उद्यापन का लाभ कांजी जगन्नाथ पाटीदार ने 31 हजार एक सौ 31 रुपए की बोली लगाकर पुण्य लाभ लिया। महोत्सव के तीसरे दिन रविवार को यज्ञशाला में मंत्रोपचार के साथ देव प्रतिमाओं का वैदिक मंत्रोपचार के साथ पूजन किया गया। श्री कृष्ण कामधेनु गौशाला (बनी) के पीठाधीश आचार्य देवेंद्र शास्त्री द्वारा पंचकुंडी यज्ञ में मुख्य जजमान के साथ सह जजमानों को घी और ज्यों तिल की आहुतियां दिलवाई। इसके साथ ही देवीय प्रतिमाओं को मंत्रोपचार के साथ देवपुजन अरणिमंथन, अग्निप्रवेश, स्वाहाकार, अन्नाधिवास की प्रकिया की गई। इस अवसर पर समाज सेवी और सामाजिक कार्यकर्त्ता अपनी सेवाए दे रहे है।
सप्तदिवसीय प्राण प्रतिष्ठा के लाभार्थी
श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के सप्तदिवसीय आयोजन में मुख्य जजमान के रूप में प्रधान हवन कुंड (घी) की आहुति का लाभ रतनलाल शिवराम पाटीदार ने तीन लाख 11 हजार एक सौ ग्यारह रुपए की बोली लगाकर लाभ लिया। वही दृतीय हवन कुंड (घी) का लाभ लक्ष्मीनारायण बद्रीलाल पाटीदार ने एक लाख 22 हजार दो सौ बाइस रुपए, वासुदेव रमेशचंद्र पाटीदार ने (ज्यों तिल) एक लाख एक हजार एक सौ बाइस रुपए में। तृतीय हवन कुंड में (घी) का लाभ मन्नालाल चंपालाल पाटीदार ने एक लाख 11 हजार एक सौ ग्यारह रुपए, वही रामकृष्ण जयंतीलाल पाटीदार ने (ज्यों तिल) 71 हज़ार एक सौ इकहत्तर रुपए में। चतुर्थ हवन कुंड में (घी) का लाभ रामचंद्र पूनमचंद्र पाटीदार ने एक लाख 51 हजार एक सौ 51 रुपए में, वही रामनारायण कानाजी पाटीदार ने (ज्यों तिल) एक लाख 11 हजार एक सौ 11 रुपए में। वही पंचम हवन कुंड का लाभ शंकरलाल ढुंगाजी पाटीदार ने (घी) एक लाख एक हजार एक सौ 11 रुपए, वही लालू छोगालाल पाटीदार ने (ज्यों तिल) की आहुति के लिए 81 हजार एक सौ 81 रुपए की नीलामी लगाकर यज्ञ में आहुति देने का लाभ लिया।




