खवासा में चैत्र नवरात्रि की धूम: शत चंडी महायज्ञ और गरबा रास से महका भक्ति का वातावरण…

#Jhabuahulchul
खवासा@आयुष पाटीदार/आनंदीलाल सिसोदिया
नगर के प्राचीन राम मंदिर एवं अम्बे माता मंदिर परिसर में इन दिनों चैत्र नवरात्रि का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित इस नौ दिवसीय उत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम मची हुई है।
आचार्य योगेंद्र पौराणिक के सानिध्य में महायज्ञ
मंदिर समिति के सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर प्रांगण में ‘नौ दिवसीय शत चंडी देवी महायज्ञ’ का आयोजन किया जा रहा है। यह अनुष्ठान प्रसिद्ध आचार्य पंडित योगेंद्र पौराणिक (बड़ावदा वाले) के मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है। प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 तक यज्ञशाला में आहुतियां दी जा रही हैं, जिससे पूरा वातावरण मंत्रोच्चार से गुंजायमान है।
शाम को उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
प्रतिदिन शाम को माता जी की भव्य आरती की जाती है, जिसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया जाता है। भक्ति भाव में डूबे श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुँचकर धर्म लाभ ले रहे हैं।
जगमगाती रातों में गरबो की प्रस्तुति
सूर्यास्त के बाद मंदिर परिसर आधुनिक विद्युत सज्जा और जगमगाती रोशनी से सराबोर हो जाता है। रात्रि के समय विशेष आकर्षण आर्केस्ट्रा पार्टी की प्रस्तुति है। गायक कलाकारों द्वारा गाए जा रहे देवी गीतों और गरबों की सुमधुर धुनों पर स्थानीय महिलाएं और बालिकाएं देर रात तक गरबा रास का आनंद ले रही हैं। गरबों का यह रंग देर रात तक जम रहा है, जो नगरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
समिति के सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 मार्च, गुरुवार को रामनवमी का पावन पर्व दोपहर 12 बजे बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
वहीं, 27 मार्च, शुक्रवार को गंगाजल यात्रा के साथ नौ दिवसीय शत चंडी देवी महायज्ञ एवं नवरात्रि महोत्सव का विधिवत समापन किया जाएगा।
समिति के सदस्यों ने सभी धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म लाभ लें और माता के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।





