जामनिया में हुई गोवंश की हत्या का मामला,,,गौ माता कर रही न्याय की आस, सकल हिंदू समाज का एक और प्रयास,,विभिन्न समाज एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी घटना की निंदा करते हुए दिया ज्ञापन…

#Jhabuahulchul
मेघनगर@मुकेश सोलंकी
पिछले दिनों मेघनगर के जामुनिया वन क्षेत्र में हुई गौकशी की हत्या को लेकर हिंदूवादी संगठनों मे घौर आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र में लगातार हो रही गौ हत्या से आक्रोशित ग्रामीण एवं स्थानीय नागरिक एसडीएम कार्यालय पहुंचे , जहां पर ग्राम जमुनिया में हुए गोवध मामले में अपराधियों पर कठोर कार्यवाही करने की मांग की गई।

एसडीम को सोपे गये ज्ञापन मे नागरिकों ने मांग की , कि ऐसे अपराधियों पर अंकुश लगाने एवं घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त धाराओं में अपराध पंजीकृत होना चाहिए। ज्ञापन लेने के बाद एसडीएम अवंधती प्रधान द्वारा आवेदकों से चर्चा के दौरान कहा कि घटना से संबंधित समस्त बिंदुओं पर कार्यवाही जारी हैं साथ ही नागरिकों को विश्वास दिलाया कि अपराधियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा एवं कठोर कार्यवाही की जाएगी।
वन विभाग पर उठ रहे सवाल..!
नागरिकों का आरोप है कि वन विभाग की ढिलाई के कारण असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। यह कार्य कोई घंटे- दो घंटे का नहीं है , इतने लंबे समय से चल रहे इस घ्रणित कार्य से आखिर वन विभाग अनजान कैसे रहा? यदि वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी गंभीरता से अपनी ड्यूटी कर रहे होते तो वनक्षेत्र में इतनी बड़ी घटना होना असंभव है।
निर्णायक लड़ाई के मूड में हिंदू संगठन
सकल हिंदू समाज लगातार हो रही गोवंश की हत्या को लेकर निर्णायक लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है , गोवंश की निर्मम हत्या से दु:खी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि आवेदन- निवेदन से बात नहीं बनती है तो फिर एक ऐसा आंदोलन किया जाएगा जो निर्णायक सिद्ध होगा , कार्यकर्ताओं ने कहा कि गोवंश की रक्षा के लिए हमारा प्रत्येक कार्यकर्ता प्रतिबद्ध है और क्षेत्र में हो रही इस तरह की घटनाओं को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आखिर चर्च के आसपास ही इस तरह की घटना क्यों होती है ?
क्षेत्र के नागरिकों का बड़ा सवाल है कि इस तरह की अपराधिक घटनाएं चर्च या प्रार्थना घर के आसपास ही क्यों होती है , क्या इसाई मिशनरी से जुड़े लोग उसमें सम्मिलित है ,क्या ग्रामीण जनों को उनकी पूजा पद्धति जिसमें गाय को माता का दर्जा दिया गया है से विमुख करने का प्रयास किया जा रहा है ?
अचानक मिले कलेक्टर , सड़क पर हुई चर्चा
एसडीएम को ज्ञापन सौपने के बाद नागरिक जब अपने घर लौट रहे थे तो सामने से कलेक्टर की गाड़ी आती दिखाई थी , गाड़ी को हाथ देते ही जिलाधिश भी रुक गए और नागरिकों से सड़क पर ही चर्चा की । इस दौरान उन्होंने घटना से संबंधित किसी भी अपराधी को नहीं छोड़ने का आश्वासन दिया। बीच सड़क रुक कर जनता से चर्चा करके कलेक्टर ने संदेश दिया की जनता जब चाहे, जहां चाहे उनसे मिल सकती है।



