36 साल बाद पुलिस के शिकंजे में आया फरार चोर, ₹10 हजार का इनामी आरोपी इंदौर से गिरफ्तार…

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थांदला@आयुष पाटीदार
झाबुआ जिले की थांदला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 36 वर्षों से फरार चल रहे स्थाई वारंटी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर जिला पुलिस द्वारा ₹10 हजार का इनाम घोषित था और वह वर्षों से अपनी पहचान बदलकर इंदौर जिले में रह रहा था।
जानकारी के अनुसार, 11 जून 1991 को थाना थांदला में रंगपुरा निवासी कश्मेर पिता इलियास भाबर ने पशु चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में थाना थांदला में अपराध क्रमांक 138/1991 धारा 379 भारतीय दंड संहिता के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया और न्यायालय से जारी स्थाई वारंट के बावजूद पुलिस की पकड़ से दूर रहा।
पुलिस के अनुसार आरोपी बदीया उर्फ बद्री पिता मांगलिया पारगी, निवासी तादलादरा थाना मेघनगर, पिछले 36 वर्षों से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर जिला पुलिस झाबुआ द्वारा ₹10,000 का इनाम भी घोषित किया गया था।
लगातार प्रयासों और साइबर सेल की सहायता से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अपने परिवार के साथ गांव छोड़कर इंदौर जिले के हातोद क्षेत्र की भील कॉलोनी में रह रहा है। वहां उसने अपनी पहचान छुपाने के लिए नाम भी बदल लिया था, ताकि पुलिस उसे तलाश न सके।
सूचना मिलने पर थांदला पुलिस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। चूंकि मामला अत्यंत पुराना था, इसलिए पुलिस ने आरोपी की पहचान और दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन किया। सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इतने पुराने स्थाई वारंट की तामील होना पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे यह संदेश भी गया है कि अपराध कर वर्षों तक फरार रहने वाले आरोपी भी कानून की पकड़ से बच नहीं सकते।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अशोक कनेश, एसआई संतोष गुप्ता, एएसआई शैलेंद्र शुक्ला, प्रधान आरक्षक रायसिंह, राजेंद्र तथा आरक्षक राहुल जमरा, जितेश डावर और अनिल परमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक द्वारा पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की गई है।



