धर्म का संस्कार जीवन बनाता है – गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी,,,पुण्य सम्राट सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना का हुआ समापन, ज्ञानार्थियों का हुआ बहुमान…

मेघनगर@मुकेश सोलंकी
श्री जयंतसेन म्यूजियम, मोहनखेड़ा महातीर्थ में आयोजित “पुण्य सम्राट सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना” का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर गच्छाधिपति हृदय सम्राट श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराजा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि “धर्म का संस्कार ही जीवन का वास्तविक निर्माण करता है। बाल्यकाल में प्राप्त धार्मिक शिक्षा एवं संस्कार व्यक्ति को आदर्श जीवन की दिशा प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक माता-पिता का यह दायित्व है कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से पाठशाला अवश्य भेजें, जिससे उनमें धर्म, संस्कार, अनुशासन एवं सदाचार के गुणों का विकास हो सके।”
योजना के अंतर्गत अध्ययनरत सूत्रज्ञान अभियान के ज्ञानार्थियों का भव्य बहुमान किया गया। समारोह में देशभर के 500 से अधिक ज्ञानार्थी मोहनखेड़ा पहुंचे तथा धार्मिक ज्ञान, सूत्र अध्ययन एवं विभिन्न परीक्षाओं में सहभागिता की।
कार्यक्रम में गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराजा, साधु-साध्वी भगवंतों की पावन निश्रा प्राप्त हुई। साधु-साध्वी भगवंतों ने बच्चों से विभिन्न सूत्रों का वाचन कराया तथा धार्मिक ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे। इस दौरान दो प्रतिक्रमण एवं पंच प्रतिक्रमण तक के ज्ञानार्थियों के टेस्ट एवं परीक्षाएं आयोजित कर उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।
मेघनगर के 09 ज्ञानार्थी एवं पाठशाला शिक्षिकाओं का हुआ बहुमान
योजना में स्थानीय राज राजेन्द्र जयंतसेन पाठशाला के 09 ज्ञानार्थी केतन कावड़िया, ऐशू कोठारी, खुशी बाफना, लब्धि कोठारी, परी जैन, रीति लोढ़ा, आरवी रांका, अवधि कोठारी, चेरी जैन शिक्षिका श्रीमती स्नेहलता कावड़िया, श्रीमती निशा बाफना, श्रीमती चेतना कोठारी का बहुमान योजना लाभार्थी सायला निवासी श्री मांगीलालजी – श्रीमती प्रेमाबेन गांधीमुथा परिवार (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन महिला परिषद) द्वारा मेमेंटो एवं नकद पुरस्कार से बहुमान किया गया। स्थानीय बच्चों की प्रगति पर श्रीसंघ अध्यक्ष शांतिलाल लोढ़ा, ज्ञान मन्दिर ट्रस्ट अध्यक्ष मनोहर चौरडिया, परिषद अध्यक्ष देवेंद्र जैन, सहित श्रीसंघ एवं समाजजन ने हर्ष व्यक्त किया।



