मेघनगर

पीपल की पूजा कर महिलाओं ने रखा दशा माता व्रत, परिवार की खुशहाली की कामना..

#Jhabuahulchul 

मेघनगर@मुकेश सोलंकी 

मेघनगर में दशा माता व्रत के अवसर पर महिलाओं ने पीपल के वृक्ष की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान महिलाओं ने परंपरागत रूप से ‘दशा का डोरा’ धारण किया और नल-दमयंती की कथा सुनकर परिवार के मंगल की प्रार्थना की। इस बार व्रत पर बने बुधादित्य योग और रवि योग के विशेष संयोग ने इसके महत्व को और अधिक बढ़ा दिया।
मेघनगर क्षेत्र में परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन की दशा सुधारने का पावन पर्व दशा माता व्रत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। शुक्रवार सुबह से ही नगर के विभिन्न मंदिरों और पीपल के वृक्षों के नीचे महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां उन्होंने विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना की।

दशा का डोरा’ धारण करने की परंपरा

दशा माता व्रत की सबसे प्रमुख परंपरा ‘दशा का डोरा’ धारण करना है। पूजन के दौरान महिलाओं ने कच्चे सूत के 10 धागों का डोरा बनाकर उसमें 10 गांठें लगाईं। इसके बाद पीपल के वृक्ष की 10 बार परिक्रमा कर इस डोरे को गले में धारण किया गया।

नगर के पंडित पुष्पेंद्र पांडीया ने बताया कि पूजन के बाद इस डोरे को घर की तिजोरी में रखना लक्ष्मी के स्थायित्व का प्रतीक माना जाता है। व्रत के दौरान महिलाएं नमक का त्याग करती हैं और दिन में केवल एक बार गेहूं से बने भोजन का सेवन करती हैं। प्रसाद के रूप में गुड़ की लापसी अर्पित की गई।

नल-दमयंती की कथा सुन की सुख-शांति की प्रार्थना
इस अवसर पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से नल-दमयंती की कथा सुनी और परिवार में सुख-शांति की कामना की। मान्यता है कि इस दिन घर की साफ-सफाई करना, नई झाड़ू और घरेलू सामान खरीदना शुभ माना जाता है, जिससे घर की दरिद्रता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह

पूजा करने पहुंची महिलाओं ने बताया कि इस दिन का उन्हें पूरे साल इंतजार रहता है। यह व्रत केवल परिवार की सुख-समृद्धि के लिए ही नहीं, बल्कि पति की लंबी आयु और संतानों के उज्ज्वल भविष्य की कामना का भी प्रतीक है।

पीपल के वृक्ष की पूजा-अर्चना कर महिलाओं ने घर की दशा सुधारने और हर संकट व बीमारी को दूर करने की प्रार्थना की। मेघनगर के गली-मोहल्लों में पीपल के वृक्षों को सजाकर पूजा की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल देखने को मिला।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!