झाबुआ पुलिस द्वारा ग्राम कोदली में हुई मासूम बालक की हत्या का बड़ा खुलासा…

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आरोपी द्वारा अपने महंगे शौक एवं ऐशो-आराम की पूर्ति के लिए मौसी के घर में घुसकर किया प्राणघातक हमला एवं लूट मासूम बालक की निर्मम हत्या का पुलिस ने किया खुलासा। पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाटीदार के निर्देशन में पेटलावद पुलिस को मिली बड़ी सफलता, दो आरोपी गिरफ्तार।
घटना का संक्षिप्त विवरण
दिनांक 05.05.2026 को ग्राम कोदली निवासी मृतक उत्कर्ष पिता शैलेन्द्र नायक उम्र 06 वर्ष एवं घायल रमीलाबाई पति कुशलसिंह नायक उम्र 53 वर्ष अपने घर की छत पर गंभीर घायल अवस्था में खून से लथपथ मिले। परिजनों द्वारा दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पेटलावद ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मासूम उत्कर्ष को मृत घोषित कर दिया।
मृतक बालक का अंतिम संस्कार किए जाने के दौरान थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया को मुखबिर से बालक की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची एवं परिजनों व समाजजनों को समझाइश देकर पोस्टमार्टम के लिए राजी किया गया।
दिनांक 06.05.2026 को हुए पोस्टमार्टम में डॉक्टरों द्वारा बालक की मृत्यु मानव द्वारा कारित चोटों से होना बताया गया। इसके आधार पर थाना पेटलावद में अपराध क्रमांक 226/2026 धारा 103(1), 109(1) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री देवेन्द्र पाटीदार द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया, एसडीओपी पेटलावद अनुरक्ति साबनानी एवं थाना प्रभारी निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। पुलिस के द्वारा सूझबूझ से पूछताछ करने पर आरोपियों ने उक्त घटना को करना स्वीकार किया।
आरोपियों के नाम—
01. जितेन्द्र उर्फ जितु पिता स्व. शंकर नायक उम्र 24 वर्ष निवासी छायन थाना राणापुर, हाल सिद्धेश्वर कॉलोनी झाबुआ
02. चिराग पिता राजेश नायक उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम कोदली ।
सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने महंगे शौक एवं ऐशो-आराम की पूर्ति के लिए पैसों की तलाश में थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने मौसी रमीलाबाई को घर में अकेला पाकर उन पर हमला किया तथा उनके पोते उत्कर्ष की फावड़े से वार कर हत्या कर दी। आरोपियों ने रमीलाबाई के कानों से सोने के टॉप्स छीन लिए एवं घर में रखी सोने की अंगूठी एवं चांदी की चेन लूटकर फरार हो गए। पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया।
सराहनीय कार्य
मासूम बालक उत्कर्ष की हत्या एवं रमीलाबाई पर प्राणघातक हमला करने वाले अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं घटना के सफल खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया, उप निरीक्षक गोवर्धन मकवाना, उप निरीक्षक अर्चना चौहान, सउनि लाखनसिंह भाटी, प्रधान आरक्षक 255 अरविन्द बारिया, प्रधान आरक्षक 380 मनोज भूरिया, आरक्षक 527 अनिल अमलियार, आरक्षक 303 विकास यादव, आरक्षक 282 राकेश डामर, आरक्षक 227 महेन्द्र चन्देल, आरक्षक 259 राजेन्द्र परिहार, आरक्षक 343 घनश्याम मालवीय, आरक्षक 164 वेरसिंह कलेश, चालक आरक्षक 623 मोतीलाल डिण्डोर एवं साइबर टीम की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक झाबुआ द्वारा पूरी टीम को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई।
अभिभावकों से अपील
झाबुआ पुलिस सभी अभिभावकों से अपील करती है कि वे अपने बच्चों एवं युवाओं की गतिविधियों, मित्र मंडली एवं खर्च करने की आदतों पर नियमित निगरानी रखें। कई बार महंगे शौक, दिखावे की प्रवृत्ति एवं गलत संगति युवा पीढ़ी को अपराध की ओर धकेल देती है। बच्चों को नैतिक शिक्षा, पारिवारिक संस्कार एवं सही मार्गदर्शन देना समाज और परिवार दोनों की जिम्मेदारी है।
“सजग अभिभावक ही सुरक्षित भविष्य की नींव हैं।”



