शासकीय कार्य में भारी ठेकेदार की गंभीर अनियमितता के आरोप…

थांदला@आयुष पाटीदार
थांदला विकासखंड की ग्राम पंचायत धुमड़िया स्थित बुरी घाटी के शासकीय विद्यालय भवन निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार पुराने विद्यालय भवन को डिस्मेंटल करने के बाद नए भवन निर्माण का ठेका एक ठेकेदार को दिया गया था। इसके अलावा भी विद्यालयों से संबंधित अन्य निर्माण कार्य उसी ठेकेदार द्वारा लिए जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय का निर्माण कार्य करीब एक वर्ष पूर्व प्रारंभ हुआ था, लेकिन अब तक भवन की छत स्तर (रूफ लेवल) तक का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है। जबकि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है, ऐसे में विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार के संबंध में गांव में किसी को स्पष्ट जानकारी नहीं है। न तो ठेकेदार का नाम सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया है, न कंपनी का नाम और न ही कोई संपर्क नंबर उपलब्ध कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य स्थल पर सूचना पट्ट भी नहीं लगाया गया है, जिससे निर्माण एजेंसी और कार्य की लागत संबंधी जानकारी प्राप्त हो सके।
इस संबंध में जब थांदला के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) दीपेश सोलंकी से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार एवं निर्माण कंपनी की जानकारी निकलवाकर उपलब्ध कराई जाएगी।
गौरतलब है कि यह मामला केवल धुमड़िया की बुरी घाटी तक सीमित नहीं है। जिले के कई शासकीय निर्माण कार्यों में ठेकेदारों की जानकारी सार्वजनिक नहीं होती। ग्रामीणों का कहना है कि जानकारी मांगने पर बताया जाता है कि संबंधित ठेकेदार भिंड-मुरैना के हैं। ऐसे में निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कार्य में हो रही देरी की जांच कर शीघ्र निर्माण पूरा करवाने की मांग की है।




