सारंगी

पुरषोत्तम मास में गौदान करने से वैकुंठ की प्राप्ति होती है : आचार्य देवेंद्र शास्त्री..

सारंगी संजय उपाध्याय

पुरषोत्तम मास में गौ दान करने से वैकुंठ की प्राप्ति होती है, यह बात समीपस्थ ग्राम बनी में स्थिति श्रीकृष्ण काम धेनु गौशाला में आयोजित गोदान कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि पुरषोत्तम मास या अधिक मास में गौ दान करना अत्यंत पुण्यकारी और मोक्षदायक माना जाता है। इस पवित्र महीने में दान करने से आपके सभी पाप मिट जाते हैं। गौदान में ज्येष्ठ मास की सत्तमी का विशेष महत्व होता है। इस दिन गौ दान करने से भगवान भगवान पुरषोत्तम की विशेष कृपा प्राप्त होती है। हिंदू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सभी दान में गोदान को सबसे बड़ा दान माना गया है। इस पवित्र महीने में दान करने से सभी पाप मिट जाते हैं और वैकुंठ की प्राप्ति होती है। साथ कल्पवृक्ष के वृक्ष के नीचे गौदान करने से भगवान पुरुषोत्तम की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस मनुष्य जीवन में आए हो तो एक बार जरूर गोदन करना चाहिए। जिससे आपके जन्म जन्मांतर के पाप मिट जाते है।

– मुंबई के समाजसेवी ने गौ दान का लाभ लिया:-
श्रीकृष्ण काम धेनु गौशाला ग्राम बनी में गौदान का उत्सव के आयोजन किया गया। जिसमें मनासा, मुंबई के समाज सेवी गोपालकृष्ण लड्डा परिवार ने गौदान कर पुण्य लाभ लिया। इससे पहले यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में हरिहर आश्रम के पीठाधीश्वर आचार्य डा देवेंद्र शास्त्री धारिया खेड़ी मंदसौर वाले ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रमुख जजमान परिवार से यज्ञ में आहुतियां दिलवाई। इसके बाद गौशाला में लगे कल्प वृक्ष के नीचे ले जाकर विधि-विधान से गौ माता का दान करवाया। इससे पहले गौ माता की पूजन अर्चन की गई इसके बाद यजमान द्वारा गौमाता की पूछ पकड़कर वेतरनी नदी पर करने की रस्म को निभाया। इस अवसर पर गौशाला समिति के सदस्य हरिओम पाटीदार, हरिराम पाटीदार शिक्षक, राधेश्याम पाटीदार, शांतिलाल पाटीदार, गोविंद पाटीदार, रामेश्वर पाटीदार, मुकेश पाटीदार, रमेश भटेवरा, अशोक भटेवरा, मुकेश हांडीकुंडी, मोहनलाल पाटीदार, गौरधनलाल पाटीदार राजू भगत, रामलाल जी पाटीदार सहित सेकडो की तादात में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

*दान के साथ हवन महत्वपूर्ण*
श्रीशास्त्री ने बताया कि गोदान के बाद हवन का भी आयोजन किया गया है, जिसमे परिवार जनों ने हवन में आहुति डाली। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में हवन को श्रेष्ठ माना गया है। हवन हमेशा वायु को साफ करता है और पर्यावरण में पैदा हो रही कई बीमारियाें को रोकने का काम करता है। सनातन धर्म में दान के साथ हवन का स्थान भी महत्हैत्वपूर्ण है। इसमें कोई भी सर्व हिंदू समाज भागीदार बन सकता है।

– पुरषोत्तम मास में गौदान करना मोक्ष दायक:-
श्री शास्त्री ने बताया कि पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) में गौ दान करना बेहद पुण्यकारी और मोक्षदायक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पवित्र महीने में किया गया कोई भी दान कई गुना फल देता है। यह दान आपको जन्म-मृत्य के चक्र से मुक्ति दिलाकर सीधे बैकुंठ धाम की प्राप्ति करवाता है। गौ दान का महत्व बताते हुए श्री शास्त्री ने कहा कि गौमात में तेतीस करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। धार्मिक मान्यता है कि पुरषोत्तम या अधिक मास में गौदान करने से व्यक्ति को मृत्यु के पश्चात गौ माता की पूंछ पकड़कर वैकुंठ धाम जाने का मार्ग प्राप्त होता और वैकुंड की प्राप्ति होती है। साथ ही गौदान करने से आत्मा को शुद्ध कर व्यक्ति को पिछले पापों से मुक्ति दिलाता है।

*गौदान के बारे में बताया:-
आचार्य श्री शास्त्री ने बताया कि गौ दान का मतलब आप साक्षात गाय का दान (प्रत्यक्ष गौ दान) करना होता है। जिसने गाय के सींगों को सजाएं और गले में फूलों की माला पहनाएं। वैदिक रीति-विधान से गाय का विधिवत पूजन करना। उसके बाद गाय को परमपूज्य गुरुदेव ने दान का संकल्प करवाया। और कहा की आप सभी संकल्प लें कि आप गौ माता की सेवा करेंगे और उसे कभी हानि नहीं पहुंचाएंगे। यदि आप साक्षात गाय दान न कर सके, तो आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी भी गौशाला में तिल धेनु (तिल का दान), जल धेनु (पानी की व्यवस्था), गुड़ या अन्न दान का संकल्प ले सकते हैं। इसके अलावा, पुरुषोत्तम मास में आस-पास की किसी भी गौशाला में जाकर हरी घास, चारा या आर्थिक सहयोग देकर गौ सेवा की जा सकती है।

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