यूनिसेफ की टीम ने पेटलावद के स्कूलों का किया औचक निरीक्षण; शिक्षा के स्तर और नामांकन पर हुई चर्चा…

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पेटलावद डेस्क। कलेक्टर श्री योगेश तुकाराम भरसट के मार्गदर्शन में आज यूनिसेफ भोपाल की टीम ने झाबुआ जिले के पेटलावद क्षेत्र की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं का सघन दौरा किया। इस दौरान टीम ने धरातल पर शिक्षा की स्थिति, बालिकाओं के नामांकन में कमी और ग्रामीण चुनौतियों का बारीकी से अवलोकन किया।
संस्थाओं का भ्रमण और सीधा संवाद
यूनिसेफ भोपाल से आई सुश्री रेशमा अग्रवाल एवं श्री अश्विन त्रिपाठी के नेतृत्व वाली टीम ने जनपद शिक्षा केंद्र पेटलावद के सहयोग से माध्यमिक विद्यालय बड़ी बोलासा, छोटी बोलासा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और सारंगी के बालक-बालिका हायर सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सुश्री रेशमा अग्रवाल ने अभिभावकों से सीधा संवाद किया। संवाद के दौरान ग्रामीण परिवेश की एक कड़वी सच्चाई भी सामने आई।
पालक की बात: श्रीमती गल्ला गरवाल ने बताया कि शिक्षक तो नियमित आते हैं, लेकिन बच्चे ही स्कूल जाने में रुचि नहीं दिखाते।
भावुक क्षण: ग्रामीण युवती सुनीता गरवाल ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उसे इस बात का दुख है कि उसे पढ़ने नहीं दिया गया, जिसके लिए उसे अपनों से ही लड़ने की इच्छा होती है।
इन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित रही चर्चा
बीआरसी श्रीमती रेखा गिरि स्वामी ने टीम को संस्थाओं का भ्रमण कराते हुए क्षेत्र की शैक्षणिक स्थिति से अवगत कराया। चर्चा के दौरान निम्नलिखित विषय प्रमुख रहे:
डिजिटल शिक्षा: आधुनिक दौर में डिजिटल लर्निंग के लाभ और उससे जुड़ी चुनौतियों पर मंथन।
बालिका शिक्षा: छात्राओं के ड्रॉप आउट रेट को कम करने और उन्हें शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने पर जोर।
पलायन और चुनौतियां: ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन के कारण बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव पर विस्तृत चर्चा।
“यूनिसेफ की टीम ने बीआरसी श्रीमती रेखा गिरि स्वामी के सक्रिय प्रयासों की सराहना की और आगामी समय में जिले के सुदूर और इंटीरियर क्षेत्रों के स्कूलों का दौरा करने की इच्छा जताई ताकि जमीनी हकीकत को और करीब से समझा जा सके।”
उपस्थिति
इस अवसर पर महिला बाल विकास अधिकारी श्री तिवारी, जन शिक्षक राकेश पाटीदार, गोवर्धन कटारा, सारंगी सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, जिला एवं ब्लॉक साक्षरता समन्वयक सहित स्कूलों के संस्था प्रमुख और शिक्षक उपस्थित रहे।




