मातापाड़ा में भक्ति की गूंज: श्रीमद् भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब, शिव-पार्वती विवाह में झूमे श्रद्धालु…

रायपुरिया@राजेश राठौड़
शूरवीर तेजाजी महाराज मंदिर निर्माण समिति के तत्वावधान में ग्राम मातापाड़ा में 25 अप्रैल से 1 मई तक आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा इन दिनों पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण बना रही है। कथा के तीसरे दिन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित बालकृष्ण नागर द्वारा श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए।
तीसरे दिन शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इस अवसर पर शिव-पार्वती विवाह की झांकी के साथ श्रद्धालु भक्ति में डूबकर नृत्य और भजन-कीर्तन करते नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और हर ओर “हर-हर महादेव” के जयकारे गूंज उठे।
व्यासपीठ से प्रवचन देते हुए पंडित बालकृष्ण नागर ने कहा कि विवाह जैसे पवित्र बंधन में वही घर श्रेष्ठ होता है, जहां गौ माता की पूजा-अर्चना होती है। उन्होंने कहा कि भगवान भाव के भूखे हैं, सच्चे मन से उन्हें पुकारने पर वे अवश्य कृपा करते हैं। साथ ही माता-पिता को अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने और उन्हें भक्ति मार्ग की ओर प्रेरित करने की सीख दी। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी को सही दिशा में मार्गदर्शन देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कथा वाचक ने वैशाख माह के महत्व को बताते हुए कहा कि इस पवित्र माह में कथा श्रवण एवं दान-पुण्य का फल कई पीढ़ियों तक मिलता है। यह माह आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।
ग्राम मातापाड़ा में हो रहे इस भव्य आयोजन ने पूरे गांव को भक्ति रंग में रंग दिया है। छोटे से गांव में इतने बड़े धार्मिक आयोजन को लेकर ग्रामीणों में उत्साह और आस्था देखते ही बन रही है। कथा में पधारने वाले अतिथियों का ग्रामीणों द्वारा पूरे संस्कार और सेवा भाव से स्वागत किया जा रहा है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि और धार्मिक श्रद्धा का परिचायक है।



