भीषण गर्मी में बिजली विभाग की ‘मनमानी’, खवासा क्षेत्र में अघोषित कटौती से जनता बेहाल,,,ये कैसा मजाक लाइट बार बार बंद चालू..?..भीषण गर्मी में तीर चला रहा विद्युत मंडल…

#Jhabuahulchul
खवासा@आयुष पाटीदार/आनंदीलाल सिसोदिया
झाबुआ जिले के खवासा और इसके आसपास के ग्रामीण अंचलों में इन दिनों बिजली की अव्यवस्था ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच बार-बार हो रही बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। आलम यह है कि दिन भर में कई बार बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली गुल कर दी जाती है, जिससे इस तपती गर्मी में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को असहनीय पीड़ा झेलनी पड़ रही है। क्षेत्र की जनता इस बात से बेहद नाराज है कि एक ओर पारा 40 डिग्री के पार जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विद्युत विभाग अघोषित कटौती कर जनता की परेशानियों को और बढ़ा रहा है।
जब विभाग मेंटेनेंस कार्य के नाम पर घंटों बिजली बंद रखता है, तो आखिर उस दौरान क्या कार्य किया जाता है? यदि वास्तव में लाइनों का रख-रखाव और सुधार कार्य किया जाता है, तो फिर बार-बार बिजली ट्रिप होने और बंद होने की समस्या क्यों बनी रहती है? मेंटेनेंस के नाम पर घंटों सप्लाई काटने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे विभाग की कार्यकुशलता पर सवाल उठना लाजिमी है। या फिर काम में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
विद्युत विभाग की सबसे बड़ी लापरवाही उनकी कार्यशैली और सूचना तंत्र में देखने को मिल रही है। नियमानुसार किसी भी प्रकार के मेंटेनेंस या कटौती से पहले विभाग को प्रेस नोट या सार्वजनिक सूचना जारी करनी चाहिए, ताकि लोग मानसिक रूप से तैयार रहें और अपने जरूरी काम निपटा सकें। लेकिन खवासा क्षेत्र में विभाग द्वारा ऐसी कोई भी जानकारी साझा नहीं की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर पत्रकारों का कोई आधिकारिक ग्रुप नहीं होने और विभाग द्वारा संवाद के रास्ते बंद रखने के कारण मीडियाकर्मियों को भी समय पर सही जानकारी नहीं मिल पाती।
जब जनता बिजली गुल होने का कारण जानने के लिए संपर्क करना चाहती है, तो विभाग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।



