रायपुरिया बाईपास निर्माण पर दो माह से ‘ब्रेक’, मुआवजे की फांस में अटका काम और गांव में बढ़ता हादसों का खतरा…

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रायपुरिया@राजेश राठौड़
पेटलावद क्षेत्र के सबसे बड़े कस्बे रायपुरिया के ग्रामीणों का सुगम यातायात और भारी वाहनों से मुक्ति का सपना फिलहाल अधर में लटका नजर आ रहा है। करीब 3 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से बनने वाले एक किलोमीटर से ज्यादा लंबे टू-लेन बाईपास मार्ग का निर्माण कार्य पिछले दो माह से पूरी तरह बंद पड़ा है। गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया के प्रयासों से इस पुराने सिंगल पट्टी मार्ग को सात मीटर चौड़ा करने की स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद पुलिया निर्माण का कार्य तेजी से शुरू भी हुआ था। हालांकि, अब जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को मुआवजा न मिलने के कारण काम ठप हो गया है, जिससे ग्रामीणों की खुशी अब चिंता में बदल चुकी है।

गांव में ट्रैफिक बढ़ा
वर्तमान स्थिति यह है कि बाईपास बंद होने के कारण सारा भारी ट्रैफिक गांव के मुख्य मार्ग से होकर गुजर रहा है। संकरी गलियों में बड़े वाहनों के प्रवेश से दिन में दो से तीन बार जाम की स्थिति निर्मित हो रही है, जिससे पैदल राहगीरों और स्कूली बच्चों के लिए दुर्घटना का भय बना रहता है। सड़क निर्माण कंपनी के कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि उनकी मशीनें और अमला दो महीने से तैयार खड़ा है, लेकिन विभागीय तालमेल और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी न होने से वे काम आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं।
धार्मिक समारोह में दिक्कत आएगी
इस मामले में पूर्व जनपद सदस्य नानालाल पाटीदार ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दो माह बाद कस्बे में एक भव्य धार्मिक समारोह का आयोजन होना है। यदि तब तक बाईपास चालू नहीं हुआ, तो गांव में अव्यवस्था और सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने लोक निर्माण विभाग से पुरजोर मांग की है कि किसानों की भूमि से जुड़ी समस्याओं और मुआवजे का तत्काल निराकरण कर निर्माण कार्य पुनः शुरू किया जाए, ताकि गांव को भारी वाहनों के शोर और खतरों से निजात मिल सके।
भुअर्जन की प्रक्रिया चल रही
इस मामले में लोकनिर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री जय कुमार मीणा ने बताया कि पुलिया का कार्य चल रहा है जबकि सड़क निर्माण कार्य भू अर्जन की प्रक्रिया के चलते लंबित है। जैसे ही निराकरण होगा कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।



