महावीर जन्म कल्याणक पर भव्य आयोजन, ऐतिहासिक शोभायात्रा से गुंजायमान हुआ पेटलावद नगर…

पेटलावद डेस्क। भगवान महावीर स्वामी का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव पेटलावद जैन समाज द्वारा धूमधाम के साथ मनाया गया, जिसमें समाजजनों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से परिपूर्ण इस आयोजन में नगर का वातावरण पूर्णतः धर्ममय हो गया।
इस पावन अवसर पर समाजजनों द्वारा विविध धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 08:30 बजे भव्य शोभायात्रा के साथ की गई। शोभायात्रा में भगवान को सुसज्जित बग्गी में विराजित कर श्री आदेश्वर बड़ा जैन मंदिर से प्रारंभ किया गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कार्यक्रम स्थल उदय मैरिज गार्डन पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। शोभायात्रा में बैंड-बाजों की मधुर धुनों के साथ सजे-धजे घोड़े आकर्षण का केंद्र रहे, वहीं छोटे बच्चे ध्वज लहराते हुए भक्ति भाव से नजर आए। पूरे मार्ग में जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा तथा मार्ग में नगर परिषद द्वारा शोभायात्रा का स्वागत भी किया गया, उक्त अवसर पर थाना प्रभारी निर्भय सिंह भूरिया अपने स्टाफ सहित उपस्थित रहे।
आयोजित सभा में कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण से की गई। कार्यक्रम में श्री आदेश्वर जैन महिला मंडल द्वारा भक्ति पूर्ण गीतिका की प्रस्तुति दी गई, वहीं अंशुल भंडारी द्वारा भी सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित समाजजनों ने सराहा।
इसके पश्चात विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए। अरिहंत युवा वाहिनी के अध्यक्ष पंकज पी. पटवा ने अपने उद्बोधन में अरिहंत युवा वाहिनी द्वारा किए जा रहे समाज सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए भगवान महावीर के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।
इसके साथ ही वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ से राजेंद्र कटकानी, तेरापंथ समाज से अध्यक्ष नरेंद्र पालरेचा, मंदिर मार्गी जैन श्रीसंघ से कांतिलाल मालवी, महावीर समिति से अध्यक्ष संजय भंडारी (गुड्डू) तथा दिगंबर जैन मंदिर संघ से अल्पित गांधी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने भगवान महावीर के अमर संदेश “जियो और जीने दो” को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि आज जब पूरा विश्व अशांति, तनाव और संघर्ष के दौर से गुजर रहा है, ऐसे समय में महावीर स्वामी का यह सिद्धांत मानवता के लिए सबसे बड़ा मार्गदर्शक है।
इस अवसर पर वर्षीतप आराधक अनिल मेहता, रोहित कटकानी, श्रीमती हेमलता रमणलाल कोठारी आदि उपस्थित तपस्वियों का सम्मान किया गया। वक्ताओं ने तप, त्याग एवं संयम को आत्मशुद्धि का सर्वोत्तम मार्ग बताया।
प्रातःकाल नवकारसी का आयोजन किया गया, नवकारसी के लाभार्थी श्रीमती सुगनबाई रूपचंद मूणत परिवार रहे।
कार्यक्रम का संचालन अरिहंत युवा वाहिनी के सचिव पदम कुमार मेहता द्वारा किया गया। आभार अध्यक्ष पंकज पी. पटवा द्वारा माना गया।
उक्त संपूर्ण कार्यक्रम अरिहंत युवा वाहिनी के संचालन में आयोजित किया गया। अंत में स्नेह भोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी पीयूष पटवा द्वारा दी गई।





