मध्य भारत कारखाने से उड़ रही वाईट मौत,,,जन स्वस्थ्य को नुक्सान,,,प्रशासन मौन..!

#Jhabuahulchul
मेघनगर@मुकेश सोलंकी
मेघनगर मध्य भारत कारखाना संचालको की मनमानी इन दिनों चरम सीमा पर है, फैक्ट्री के अंदर का कच्चा माल लोडिंग ट्रको से गिरता हुआ, सड़क मार्ग को भी घेर लेता है, सूखे मटेरियल के उड़ते से रहगिरो को परेशांन होना पड़ रहा है। प्रशासन का ध्यान इस दिशा मे नहीं है।
जन चर्चा के मुताबिक मध्य भारत कारखाने से हवा मे सफेद मौत दिन भर उड़ती रहती है, जो आस पास के रहवासी इलाके ओर सड़क मार्ग से गुजरने वाले राहगिरो के स्वस्थ्य के साथ धोख़ा है, मामले मे स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर संदेह करना गलत नहीं होगा। यदि इस कारखाने को सरकार ने फैक्ट्री चलाने की परमिशन दी है, तो कुछ कंडीशन भी फॉलो करने के लिए आदेशीत किया है, तो कहा गये वो सारे नियम कानून? अक्सर देख गया ओर जन चर्चाए आम होती रही है की जो मजदूर कारखाने मे मजदूरी करते है, वे मजबूर है, उन्हे सुरक्षा के नाम पर टोपी ओर जुता दे दिया जाता है, मजदूर दिन भर धूप हो या ठंड या बारिश हर स्थिति मे जान जोखिम मे डाल कर मजदूरी करता रहता है। खुला मुह होने से सास लेने से साथ- साथ बारीक मिट्टी भी शरीर मे प्रवेश कर जाती है, जो लंबे समय बाद किसी बड़ी बीमारी के रूप मे जान माल की हानि कर देती है।
लीज की सारी हद पार…
कार्य स्थल अंतर्गत फैक्ट्री संचालन के लिए लीज भूमि आवंटन की जाती है, उसकी लंबाई चौडाई भी फिक्स होती है, लेकिन इस कारखाने ने लीज के सारे रिकॉर्ड तोड दिये, मुख्य सड़क मार्ग पूरी तरह दिन भर कच्चे खाद के मटेरियल से प्रभावित रहता है। एरिया से बाहर भी वाहनो से माल गिरता रहता है, लेकिन उन वाहनो ओर कारखाना के जिम्मेदारों पर कोई कारवाही नहीं की जाती।



