क्षेत्र के नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा मेघनगर का आर.के. मिनिरल्स…

मेघनगर@मुकेश सोलंकी
मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र के कारखाने लगातार नागरिकों के स्वास्थ्य से लगातार खिलवाड़ करते नजर आ रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की कृपा दृष्टि के चलते इन कारखानों को किसी का डर नहीं बचा है। यूं तो मेघनगर को प्रदूषित करने की कारखानों में प्रतियोगिता चल रही है और सभी कारखानो मे प्रथम नंबर पर मैच टाई होता नजर आ रहा है। इस प्रतियोगिता में अपने अंक बढ़ाने के लिए *आर.के. मिनिरल्स* द्वारा पूरा प्रयास करते हुए कारखाने की कम ऊंचाई वाली चिमनी से भयंकर जहरीली गैस छोड़ी जा रही है जो की वाहन चालकों के स्वास्थ्य पर घातक असर डाल रही है साथ ही इस चिमनी की ऊंचाई नजदीक बने पुल के बराबर होने से पुल का उपयोग कर रहे नागरिक पुरी तरह से इसकी चपेट में आ रहे हैं। इस जहरीली गैस के संपर्क में आते ही तुरंत आंखों में जलन महसूस होने लगती है , किंतु कंपनी को इससे क्या फर्क पड़ता है उसे तो अपना प्रॉफिट बढ़ाने से मतलब है चाहे इसके लिए क्षेत्र के नागरिकों का स्वास्थ्य ही दाव पर क्यों न लगाना पड़ जाए।
क्या पड़ता है प्रभाव ……
अधिक समय तक इन जहरीली गैसों के संपर्क में रहने पर भयंकर त्वचा रोग, आंखों में जलन, श्वास प्रणाली में रुकावट एवं उल्टी जैसी समस्या हो सकती है।
प्रदूषण को लेकर हो चुके हैं कई असफल आंदोलन…
कारखाने से होने वाले प्रदूषण को लेकर पूर्व में कई आंदोलन हो चुके हैं लेकिन उनका असर शून्य साबित हुआ, क्षेत्र की जनता का विश्वास पक्ष- विपक्ष के नेताओं के साथ-साथ अधिकारियों से भी उठ चुका है। चौराहे पर चर्चा आम हो चुकी है कि जब सभी को कारखानों से बंद लिफाफे में गिफ्ट मिल जाती है तो फिर कोई क्यों उनकी तरफ टेढ़ी नजर करेगा।
कैसे लग सकती है लगाम ???
जनप्रतिनिधियों के सकारात्मक प्रयास, पॉल्यूशन बोर्ड की निष्पक्ष कार्यवाही , भारी जुर्माना एवं क्षेत्र के अधिकारीयों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग ही इस समस्या का एक मात्र समाधान है। यदि यह सब नहीं हुआ तो फिर क्षेत्र के नागरिक को विशेष कर मेघनगर के नागरिकों को एक भागीरथी प्रयास कर इन खतरनाक जहरीले कारखानों को यहां से खदेड़ने के लिए निर्णायक जन आंदोलन करना होगा।




