खवासा में अव्यवस्था का आलम: सड़कें धूल में तब्दील, जल व्यवस्था चरमराई — जिम्मेदार कौन, ठेकेदार या ग्राम पंचायत..?

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खवासा@आनंदीलाल सिसोदिया/आयुष पाटीदार
खवासा गांव इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। नल-जल योजना के तहत नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य तो तेजी से किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद की स्थिति ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। पूरे नगर में जेसीबी मशीनों से सड़कों की खुदाई कर गड्ढे तो बना दिए गए, मगर उनका सही तरीके से भराव और समतलीकरण नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें ऊबड़-खाबड़ हो गई हैं। छोटे-बड़े पत्थर रास्तों पर बिखरे पड़े हैं, जो कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। वहीं धूल का गुबार पूरे नगर में फैल रहा है, जिससे आमजन का जीना मुश्किल हो गया है।
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर सड़कों का समतलीकरण करेगा कौन — ठेकेदार या ग्राम पंचायत? जिम्मेदारी तय न होने के कारण हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।
पाइपलाइन से जल वितरण व्यवस्था भी बिगड़ी..!
एक ओर सड़कें बदहाल हैं, तो दूसरी ओर जल वितरण व्यवस्था भी बिगड़ चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई महीनों से नलों में पानी नहीं आ रहा है। मजबूरी में लोगों को टैंकरों के सहारे पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी ग्राम पंचायत के खिलाफ आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा।
बामनिया रोड पर बन रही नई पानी की टंकी का निर्माण कार्य भी सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार टंकी निर्माण में समय पर तराई (क्योरिंग) नहीं की जा रही, जिससे उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।



