
झाबुआ डेस्क। थांदला विकासखंड की ग्राम पंचायत खवासा इन दिनों अवैध खनन का गढ़ बन चुकी है। रात का अंधेरा ढलते ही खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं और जेसीबी मशीनों से मिट्टी व मोरम की खुदाई कर ट्रैक्टरों में भरकर खुलेआम मुख्य मार्ग से निकासी की जा रही है।
गांव की ज़मीन पर गहरे और खतरनाक गड्ढे बन चुके हैं, जो हादसों को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। यही नहीं, पहले भी ऐसे ही गहरे गड्ढों में दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, फिर भी जिम्मेदार विभाग गहरी नींद में सोए हुए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठा है। रातभर जेसीबी और ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट सुनाई देती है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खामोशी।
जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि किसी को कोई परमिशन नहीं दी गई है। सवाल यह उठता है कि फिर आखिर किसकी शरण में यह माफिया धड़ल्ले से खनन कर रहे हैं?
जबकि जिला कलेक्टर ने अवैध खनन माफियाओं पर सख्ती बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके खवासा में रात के अंधेरे में अवैध खनन चल रहा।




