झकनावदा मे प्रतिभाओ से भरा एक और सूर्य हुआ अस्त, हर तरह की कलाओ से परिपक्व थे- कांतिलाल काँसवा…!

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झकनावदा@नारायण राठौड़
झकनावदा नगर व आसपास के क्षेत्र में अपनी नित नई कला से एक अलग पहचान बना चुके कांतिलाल काँसवा का लंबी बीमारी के चलते शुक्रवार को रात्रि में निधन हो गया। आपको बता दे की कांतिलाल काँसवा झकनावदा नरेन्द्र कुमार शोभागमल कोठारी परिवार के दामाद थे।आपका जीवन बचपन से संघर्षमय जीवन रहा है।आप में हर वो कला का हुनर था जिससे आप बच्चों से लेकर बड़ो के हर एक के मन में एक अलग पहचान बना गए।आप को हर कोई कांतु सा.के नाम से संबोधित करता था। आप झाँकिया,बेनर,पोस्टर की कला हो या इलेक्ट्रानिक की दुनिया का कोई भी काम हो किसी को मना नहीं करते थे।आप की अच्छाई लोगो के दिल पर हमेशा राज करेगी। स्वर्गीय कांतिलाल काँसवा के एक संसारपक्षीय पुत्र है जिन्होंने तेरापंथ धर्मसंघ में आचार्य श्री महाश्रमण जी से दीक्षा प्राप्त की और आज आप मुनि श्री सत्य कुमार जी के नाम से प्रख्यात है तेरापंथ धर्मसंघ मे। कांतीलाल काँसवा झकनावदा का शनिवार को मधुकन्या नदी के तट पर उनके जमाई पंकच मुुणत व काॅसवा परिवार केे सागरमल काॅसवा,शांतिलाल काॅसवा, आंनदीलाल काॅसवा,राकेश काॅसवा,पवन काॅसवा,अनुज काॅसवा,जितेंद्र काॅसवा एवं काॅसवा परिवार झकनावदा द्वारा मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया गया।



