झाबुआ में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में देर,,,आरक्षण प्रणाली की अनदेखी का आरोप,,,जयस ने दी धरने की चेतावनी..!

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झाबुआ@आयुष पाटीदार
जिला झाबुआ में जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित शालाओं में अतिथि शिक्षकों की औपचारिक नियुक्ति प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है, जिसके कारण आदिवासी बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार, समयसीमा में संकुलों से शाला प्रबंधन एवं विकास समितियों ने अतिथि शिक्षकों की बैठकों का आयोजन कर ठहराव प्रस्ताव तैयार किए और उन्हें अनुमोदन हेतु विकासखंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय समिति को भेजा गया। ब्लॉक स्तरीय समिति द्वारा छानबीन के बाद प्रकरण जिला स्तरीय समिति को अंतिम स्वीकृति के लिए भेज दिए गए। इसके बावजूद, आज दिनांक तक अनुमोदन सूची जारी नहीं हुई है।
पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों में असमंजस
जयस (आदिवासी युवा संगठन) के जिला प्रभारी कांतिलाल गरवाल ने बताया कि नियुक्ति में हो रही देरी से जहां छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन द्वारा पूर्व में कार्यरत शिक्षकों को नजरअंदाज कर नए आवेदकों से आवेदन मंगवाने के कारण अनुसूचित जनजाति वर्ग के कई पूर्व कर्मचारी बाहर हो रहे हैं, जिससे उनके परिवारों का भरण–पोषण कठिन हो जाएगा।
आरक्षण प्रणाली की अनदेखी का आरोप
कांतिलाल गरवाल ने आरोप लगाया कि झाबुआ जिला अनुसूचित क्षेत्र होने के बावजूद, अतिथि शिक्षक भर्ती में रोस्टर आरक्षण प्रणाली का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो जयस जिला प्रशासनिक कार्यालय परिसर में धरना–प्रदर्शन करेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन–प्रशासन की होगी।
शिक्षा पर गंभीर असर
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि अध्यापकों की कमी के कारण पाठ्यक्रम समय पर पूरा होना मुश्किल हो गया है, जिसका सीधा असर आदिवासी बच्चों की शिक्षा स्तर पर पड़ेगा।