झाबुआ में फसल बर्बाद, कांग्रेस ने मुआवजा व कर्ज माफी की मांग तेज की…!

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झाबुआ@हरीश यादव
लगातार हो रही बारिश और नकली बीज व खाद की कमी ने झाबुआ के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले में सोयाबीन, उड़द, मक्का समेत कई फसलों में बीमारी व कीट लगने से व्यापक नुकसान हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार से तत्काल कार्रवाई कर किसानों को मुआवजा देने और कर्ज माफी की मांग की है।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रकाश रांका ने कहा कि यह समस्या केवल आकस्मिक घटना नहीं है, बल्कि सरकार की लचर व्यवस्था का परिणाम है। हर वर्ष किसानों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उचित निगरानी व प्रबंधन नहीं होने के कारण स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।
विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने बताया कि पहले समय पर बीज व खाद नहीं मिले, अब बारिश ने सोयाबीन फसल को मौजक नामक बीमारी से पूरी तरह से तबाह कर दिया है। उड़द व मक्का की फसल में कीट भी लग रहे हैं, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने भी सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि जो दवा फसलों के खतपतावार को नष्ट करने के लिए बनी थी, उसकी वजह से पूरी फसल बर्बाद हो गई।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तत्काल फसल का सर्वेक्षण कर मुआवजा नहीं दिया और किसानों के कर्ज माफ नहीं किए तो वे व्यापक आंदोलन करेंगे। इस मांग के समर्थन में जिले भर के पंचायत सदस्य, सरपंच, महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्वेता मोहनिया सहित दर्जनों कांग्रेस नेता, किसान और समाजसेवी एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं।
किसानों की चिंता की वजह से जिले के हजारों एकड़ में बोई गई फसल पर संकट गहराता जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार की निष्क्रियता के चलते समस्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने शासन से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है, ताकि किसान का विश्वास कायम रह सके।
किसानों के भविष्य की चिंता के बीच यह मामला अब राजनीतिक संघर्ष का भी रूप ले चुका है। आगामी दिनों में कांग्रेस द्वारा आंदोलन की रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा।




